
Rama Devi Sahu
314 days ago
दीपावली का त्योहार मनाए जाने के पीछे कई कथाएँ प्रचलित हैं, लेकिन इनमें सबसे प्रमुख और लोकप्रिय कथा भगवान श्री राम के अयोध्या वापस लौटने की है: श्री राम का अयोध्या आगमन सबसे प्रसिद्ध कहानी के अनुसार, भगवान श्री राम को उनके पिता, राजा दशरथ के आदेश पर, 14 वर्ष का वनवास दिया गया था। अपने वनवास के दौरान, लंका के क्रूर राजा रावण ने छल से श्री राम की पत्नी, सीता माता, का हरण कर लिया था। * विजय: 14 वर्ष का वनवास पूरा होने से ठीक पहले, श्री राम ने वानर सेना की मदद से लंका पर चढ़ाई की और भीषण युद्ध में रावण का वध किया। * वापसी: रावण को हराने और सीता माता को मुक्त कराने के बाद, भगवान श्री राम, सीता माता और उनके छोटे भाई लक्ष्मण अयोध्या वापस लौटे। यह दिन कार्तिक मास की अमावस्या का था। अयोध्या के लोगों के लिए अपने प्रिय राजा, श्री राम, का 14 साल बाद वापस आना एक अत्यंत खुशी का अवसर था। अयोध्यावासियों ने अपने राजा और रानी का स्वागत करने के लिए पूरे नगर को मिट्टी के दीयों (दीपक) से जगमगा दिया। पूरी अयोध्या रोशनी से नहाई हुई थी, और लोगों ने खुशियाँ मनाते हुए मिठाइयाँ बांटीं। यह भव्य स्वागत ही बाद में दीपावली के त्योहार के रूप में मनाया जाने लगा। इसलिए, यह त्योहार हमें सत्य की जीत और खुशियों के आगमन की याद दिलाता है। अन्य प्रमुख कथाएँ: * लक्ष्मी पूजा: दीपावली के दिन ही धन और समृद्धि की देवी, माता लक्ष्मी, का जन्म समुद्र मंथन के दौरान हुआ था। इसीलिए इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश (बुद्धि के देवता) की पूजा की जाती है ताकि घर में सुख, शांति और समृद्धि आए। * श्री कृष्ण द्वारा नरकासुर का वध: एक अन्य कथा के अनुसार, दीपावली से एक दिन पहले, भगवान श्री कृष्ण ने राक्षस नरकासुर का वध किया था और 16,000 महिलाओं को उसकी कैद से मुक्त कराया था। इसी जीत की खुशी में अगले दिन दीपावली मनाई जाती है। सार: चाहे कोई भी कथा हो, दीपावली का मूल संदेश एक ही है—अज्ञान और बुराई के अंधकार को ज्ञान और अच्छाई के प्रकाश से दूर करना।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!
