
Rama Devi Sahu
177 days ago
।। ॐ श्री गणेशाय नमः ।। ।। शौच और दैनिक आचरण के नियम ।। ।। धार्मिक ग्रंथों में बताए गए नियम ।। शास्त्रों के अनुसार सुबह की दिनचर्या कैसी होनी चाहिए, जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। सनातन धर्म में शारीरिक स्वच्छता और दैनिक आचरण को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। शास्त्रों में शौच, दन्तधावन (दातुन), स्नान और स्वच्छता से जुड़े अनेक नियम बताए गए हैं। इन नियमों का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुशासन ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य, स्वच्छता और प्रकृति के प्रति सम्मान भी है। 1. मल-मूत्र त्याग से जुड़े नियम धर्मग्रंथों में बताया गया है कि शौच करते समय कुछ नियमों का पालन करना चाहिए। मल त्याग करते समय जल्दी-जल्दी सांस नहीं लेनी चाहिए। (ब्रह्मवैवर्तपुराण) किसी भी जलाशय जैसे नदी, तालाब, कुएँ आदि से पर्याप्त दूरी पर ही मूत्र या मल त्याग करना चाहिए। (धर्मसिंधु) किसी वृक्ष की छाया में मल-मूत्र त्याग नहीं करना चाहिए। (आपस्तम्ब धर्मसूत्र) शौच करते समय सूर्य, चन्द्र, ग्रह, नक्षत्र या आकाश की ओर नहीं देखना चाहिए और अपने मल-मूत्र की ओर भी नहीं देखना चाहिए। (देवीभागवत, कूर्मपुराण) निम्न स्थानों पर मल-मूत्र त्याग करना निषिद्ध बताया गया है नदी या जलाशय के पास गौशाला में खेत में हरी घास पर मंदिर या देवालय के पास चौराहे पर श्मशान में रास्ते या पुल पर वृक्ष की जड़ के पास लोगों के घरों के पास (ब्रह्मवैवर्तपुराण, गरुड़पुराण) सूर्य, अग्नि, गौ, गुरु, ब्राह्मण, स्त्री, चन्द्रमा, जल और मंदिर की ओर मुख करके शौच या मूत्र त्याग नहीं करना चाहिए। महाभारत में बताया गया है कि सूर्य या वायु की दिशा में मूत्र त्याग करना अशुभ माना गया है। 2. कुल्ला और मुख शुद्धि के नियम शास्त्रों के अनुसार कुल्ला करते समय भी दिशा का ध्यान रखना चाहिए। सामने देवताओं और दाहिने पितरों का निवास माना गया है। इसलिए कुल्ला करते समय मुख नीचे करके पानी को बायीं ओर फेंकना चाहिए। (व्याघ्रपाद स्मृति) 3. दातुन करने के नियम प्राचीन समय में दांत साफ करने के लिए वृक्षों की दातुन का उपयोग किया जाता था। ।। दातुन के लिए उपयुक्त वृक्ष ।। इन वृक्षों की दातुन करना शुभ माना गया है नीम बेल खैर अर्जुन आम महुआ कदम्ब बेर करंज गूलर कनेर बबूल (विश्वामित्र स्मृति) जिन वृक्षों की दातुन नहीं करनी चाहिए। पलाश कपास कचनार तेंदू रीठा बहेड़ा सहिजन सेमल ।। दातुन का आकार ।। दातुन सीधी होनी चाहिए लगभग बारह अंगुल लंबी छोटी उंगली के अग्रभाग जितनी मोटी (वशिष्ठ स्मृति) ।। दातुन करते समय ध्यान रखने योग्य बातें ।। दातुन को पहले पानी से धोना चाहिए दातुन के बाद उसे फिर से धोकर स्वच्छ स्थान पर फेंकना चाहिए कोयला, राख, ईंट, पत्थर या नाखून से दांत साफ नहीं करना चाहिए (स्कन्दपुराण) ।। दातुन के विशेष फल ।। शास्त्रों में कुछ वृक्षों की दातुन के विशेष लाभ बताए गए हैं। महुआ की दातुन से पुत्र लाभ आक की दातुन से नेत्रों को लाभ बेर की दातुन से वाणी में प्रभाव बेल और खैर से ऐश्वर्य कदम्ब से रोगों का नाश पीपल से यश की प्राप्ति (स्कन्दपुराण) 4. स्नान से जुड़े नियम धर्मग्रंथों में स्नान के भी कुछ नियम बताए गए हैं। नदी में स्नान करते समय धारा की दिशा की ओर मुख करके स्नान करना चाहिए। (महाभारत) बिना थकान दूर किए या बिना मुख धोए स्नान नहीं करना चाहिए। (चरकसंहिता) धूप से बहुत गर्म शरीर होने पर तुरंत स्नान नहीं करना चाहिए, इससे सिर दर्द और आंखों की समस्या हो सकती है। (नीतिवाक्यामृत) पूर्ण रूप से नग्न होकर स्नान नहीं करना चाहिए। (मनुस्मृति) पुरुषों को सिर के ऊपर से स्नान करना चाहिए, केवल शरीर धोकर स्नान अधूरा माना गया है। (वामनपुराण) 5. तेल लगाने से जुड़े नियम कुछ तिथियों पर शरीर में तेल लगाने से बचने की सलाह दी गई है। इन तिथियों पर तेल नहीं लगाना चाहिए प्रतिपदा षष्ठी अष्टमी एकादशी चतुर्दशी पूर्णिमा अमावस्या (ब्रह्मवैवर्तपुराण) सिर पर लगाने के बाद बचा हुआ तेल शरीर पर नहीं लगाना चाहिए। (कूर्मपुराण) ।। निष्कर्ष ।। सनातन धर्म में शौच, स्नान और दैनंदिन जीवन से जुड़े ये नियम केवल धार्मिक परंपरा नहीं हैं, बल्कि स्वास्थ्य, स्वच्छता और प्रकृति के सम्मान से भी जुड़े हुए हैं। इन नियमों का उद्देश्य मनुष्य को अनुशासित, स्वस्थ और सात्विक जीवन की ओर प्रेरित करना है।

Comments (8)

Rama Devi Sahu
Mar 7, 2026
Good night Jii 🌹

Rama Devi Sahu
Mar 7, 2026
Ji Shukriya 🌹

Mayank S
Mar 7, 2026
v nice 👍 वेरी नाइस शायरी

Rama Devi Sahu
Mar 7, 2026
*जिंदगी एक किताब है, जिसका हर पन्ना नायाब हैं!* *कहीं गुजरे वक़्त से शिकायत,कहीं ख्वाइशें बेहिसाब हैं!* *कहीं बिखरी हुई उम्मीदे,कहीं टूटे हुए ख़्वाब हैं!* *कहीं उलझी हुई बातें, कहीं मुस्कुराती हुई याद है!* *ऐ जिंदगी तू सच में लाज़वाब हैं।* *🙏🌹जय श्री कृष्णा🌹🙏*

Rama Devi Sahu
Mar 7, 2026
*श्री शिवाय नमस्तुभयम* 🙏🙏🌹🌹 We are going to week end so full tus Masti रोज लो मौज लो ना मिले तो खोज लो वात्सल्य प्रेम अपनापन।👏👏👏👏 ❣️❣️ *जिंदगी में जो चाहे हासिल कर लो बस इतना ख्याल रखना की आपकी मंजिल का रास्ता कभी लोगों के दिलों को तोड़ता हुआ ना गुजरे* *पत्थर की तरह ना बनाओ खुद को किसी भी दीवार में चुने जा सकते हो* *बनना है तो मोमबत्ती बनो जो स्वयं जलकर भी सभी जगह उजाला प्रदान करती है* It's true 🎷🎷 *जब तक तुम्हारे हाथ पैर चलें* *जब तक तुम्हारे घर में तुम्हारी चले* *जो करना है कर लो दान पुण्य भगवत भक्ति आना जाना घूमना फिरना देना लेना जो तुम्हारी इच्छा हो बाद में कोई नहीं पूछेगा*😊😊 *ऐसी सुबह ना आए आए ना ऐसी शाम जिस दिन जुबां पे मेरी आए ना शिव का नाम* *राधे राधे* 🌹🌹

Mayank S
Mar 7, 2026
जय श्री महाकाल 🙏गुड आफ्टरनूनजी 🌹

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Mar 7, 2026
ନମସ୍ତେ ସୁନ୍ଦର ରାମ 🙏*ମହିଳା ଦିବସ ପାଇଁ ବାର୍ତ୍ତା* - "ନାରୀ, ତୁମେ ଶକ୍ତି, ତୁମେ ଶକ୍ତି, ତୁମେ ପ୍ରେରଣା। ତୁମ ବିନା ଜୀବନ ଅସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ।" - "ନାରୀ, ତୁମେ ମହିଳା, ତୁମେ ଶକ୍ତି, ତୁମେ ସୃଷ୍ଟି। ତୁମ ବିନା, କିଛି ନାହିଁ।" - "ନାରୀ ଦେବୀ ମାତାଙ୍କୁ ଜୟଗାନ 🙏
