
सविता
18 hours ago
🍁🍁🍁🍁कर्म का कोई मेनू नहीं होता, जो आप सर्व करेंगे वही आप डिज़र्व करेंगे।इंसान कहता है पैसा आए तो मैं कुछ करूँ, और पैसा कहता है तू कुछ कर तो मैं आऊँ🍁🍁🍁🍁

Comments (6)

प्रेम कुमार
Aug 30, 2026
🌹🌹 राधे राधे 🌹🌹 शुभ रात्रि वंदन 🌹🌹

Sanjay Ahlawat
Aug 30, 2026
बहुत ही सुन्दर पोस्ट और बहुत ही सुन्दर लिखा है आपने धन्यवाद शुभ संध्या

Ramesh chand
Aug 30, 2026
सविता ज़ी बहुत अच्छे विचार लिखें है आपने धन्यवाद 🙏

Ramesh chand
Aug 30, 2026
सविता ज़ी बहुत अच्छे vichat

brindaban Swami बृंन्दाबन स्वामी
Aug 30, 2026
एक दम सही बात है जी

Rama Devi Sahu
Aug 30, 2026
*सूर्योदय और सूर्यास्त हमें बताता है कि जीवन में कुछ भी स्थाई नहीं है पूर्ण विराम अंत नहीं होता है क्योंकि इसके बाद हम नया वाक्य लिख सकते हैं इसी तरह छोटी असफलताएं अंत नहीं बल्कि सफलता की शुरुआत होती हैं प्रसन्न व्यक्ति वही है जिसने अपना मूल्यांकन खुद किया हो और परेशान वही है जिसने हमेशा दूसरों का ही मूल्यांकन किया हो।* *मस्त रहें स्वस्थ रहें अपना व अपनों का ध्यान रखें* * 🙏* 🪻🌿🪻🌿🪻🌿🪻🌿🪻🌿🪻
