
Rama Devi Sahu
331 days ago
(◍•ᴗ•◍)❤कान्हा शयन रात्रि (◍•ᴗ•◍)❤ (✷✷)राधे राधे गोविंद गोविंद राधे (✷✷) द्यौस राति हूँ चारु अति, तेरो बदन गोबिंदु॥ कमल तो दिन में ही खिलता और सुंदर लगता है और चंद्रमा रात्रि ही को चमकता है। पर हे श्रीकृष्ण! तुम्हारा मुख दिन तथा रात्रि में भी दोनों ही समय सुशोभित होता रहता है। कान्हा जी मनुष्य नहीं कि झूठ बोले, न ही वह आदमी है कि पछताए। क्या वह बोलता है और पूरा नहीं करता? क्या वह वादा करता है और पूरा नहीं करता? शुभ रात्रि और कान्हा जी पर भरोसा रखें! ♥🌹╣[-श्री हरी-]╠🌹♥

Comments (6)

Rama Devi Sahu
Oct 5, 2025
Dhanyawad 🙏 Subha Swagatam 🙏 Aap ka Din Subha Mangalmay Ho 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu
Oct 5, 2025
Radhey Radhey ❤️ Jai Shree Krishna 🙏 Subha Kamanayen ke Sath Suprabhat Jii 🙏🌹🌹

Radhe Radhe
Oct 4, 2025
💅💅👌 बहुत ही अच्छी वेरी वेरी नाइस पोस्ट *_*जी बहन जी*_*््््््ॐ धन्यवाद जी।।👌💅💅

Radhe Radhe
Oct 4, 2025
🦚🥀 राधे राधे जय श्री कृष्ण जी, आपका हर एक पल शुभ मंगलमय हो।। आपका आने वाला पल खुशियों से, भरा रहे// इसी मनोकामना के साथ अक्टूबर महीने के प्रथम शनिवार शुभ दोपहर।। एवं (_*शनि प्रदोष व्रत*_) की ढेर सारी बधाइयां जी। जय श्री कृष्ण जी!! 🌹🌹🙏
