
Rama Devi Sahu
106 days ago
शनि जयंती भगवान शनि देव के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। यह पर्व ज्येष्ठ अमावस्या के दिन आता है और इस दिन शनि देव की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि शनि देव न्याय के देवता हैं, जो व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। शनि जयंती पर व्रत, दान, मंत्र जाप, पीपल पूजा और हनुमान जी की उपासना करने से शनि दोष, साढ़ेसाती और जीवन की बाधाओं से राहत मिलने की मान्यता है। यह दिन संयम, सेवा और अच्छे कर्म करने का संदेश भी देता है। #trending #instagram #instagood #shanidev शनि जयंती भगवान शनि देव के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। यह पर्व ज्येष्ठ अमावस्या के दिन आता है और इस दिन शनि देव की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि शनि देव न्याय के देवता हैं, जो व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। शनि जयंती पर व्रत, दान, मंत्र जाप, पीपल पूजा और हनुमान जी की उपासना करने से शनि दोष, साढ़ेसाती और जीवन की बाधाओं से राहत मिलने की मान्यता है। यह दिन संयम, सेवा और अच्छे कर्म करने का संदेश भी देता है। शनि जयंती भगवान शनि देव के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। यह पर्व ज्येष्ठ अमावस्या के दिन आता है और इस दिन शनि देव की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि शनि देव न्याय के देवता हैं, जो व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। शनि जयंती पर व्रत, दान, मंत्र जाप, पीपल पूजा और हनुमान जी की उपासना करने से शनि दोष, साढ़ेसाती और जीवन की बाधाओं से राहत मिलने की मान्यता है। यह दिन संयम, सेवा और अच्छे कर्म करने का संदेश भी देता है।





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