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Rama Devi Sahu

13 days ago

पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप। राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप॥ अर्थ-- हे संकटमोचन पवन कुमार! आप आनंद और मंगल के साक्षात स्वरूप हैं। हे देवताओं के राजा! आप श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी सहित मेरे हृदय में हमेशा निवास करें..!! श्री राम लक्ष्मण जानकी! जय जय जय हनुमान की!! ❤💕🙏🌹❤💕🙏🌹

Comments (2)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Sep 8, 2026

‼️🙌‼️ आज का सुंदर विचार ‼️🙌‼️ मनुष्य की चाल धन से भी बदलती है और धर्म से भी बदलती है.. जब धन संपन्न होता है तब अकड़ कर चलता है, और जब धर्म संपन्न होता है, तो विनम्र होकर चलता है..!! ज़िंदगी भले छोटी देना मेरे भगवन्.. मगर देना ऐसी, कि सदियों तक लोगों के दिलों में जिंदा रहूँ और हमेशा अच्छे कर्म कर सकूँ..!! Good Night 🌹 🌹

बरखा शर्मा

बरखा शर्मा

Sep 8, 2026

jay shree ram jai hanuman ji 🙏🌷🌷