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Rama Devi Sahu

46 days ago

16 जुलाई से जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 शुरू होने जा रही है। इसमें भगवान जगन्नाथ, अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ भव्य रथों पर सवार होकर नगर भ्रमण करेंगे। रथ यात्रा की शुरुआत से पहले एक विशेष परंपरा निभाई जाती है, जिसमें गजपति महाराज या उनके राजवंश के उत्तराधिकारी सोने के हत्थे वाली झाड़ू से रथ के मार्ग की सफाई करते हैं। इसके बाद वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच यात्रा शुरू होती है। सोने की झाड़ू से मार्ग साफ करने के मुख्य रूप से तीन कारण हैं: सोना शुद्धता और पवित्रता का प्रतीक है, इसलिए इसे भगवान के स्वागत और सम्मान का विशेष तरीका माना जाता है। राजा द्वारा स्वयं झाड़ू लगाना यह संदेश देता है कि ईश्वर की नजर में राजा और प्रजा दोनों एक समान हैं। यह विनम्रता और सेवा को दर्शाता है। सोना सौभाग्य और समृद्धि का भी प्रतीक है, जिससे इस अनुष्ठान के दौरान मंगलमय वातावरण और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

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