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Rama Devi Sahu

66 days ago

यह पंक्ति भगवान विष्णु के दिव्य स्वरूप और उनकी करुणा का वर्णन करती है। अर्थ: “गरुड़ चढ़े नारायण, पीताम्बर सोहे गात” का मतलब है कि भगवान नारायण गरुड़ पर विराजमान हैं और उनके शरीर पर पीले वस्त्र (पीताम्बर) अत्यंत शोभा दे रहे हैं। “दीनबन्धु दुख भंजना, जन के हैं पितु मात” का अर्थ है कि भगवान विष्णु दीन-दुखियों के सच्चे मित्र हैं, उनके कष्टों को दूर करने वाले हैं और अपने भक्तों के लिए माता-पिता के समान स्नेह एवं संरक्षण देने वाले हैं। सरल शब्दों में: भगवान विष्णु अपने भक्तों पर अपार करुणा बरसाते हैं। वे दुखों को दूर करके उनका पालन-पोषण और संरक्षण माता-पिता की तरह करते हैं। 🙏🕉️✨जय श्री नारायण✨🕉️🙏

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Comments (2)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jun 25, 2026

🙏‼️ Om Namo Bhagavate Vasudevaya Namah ‼️🙏 Suprabhat, Nirjala Ekadashi ki Hardik Shubhkamnaye 🌹🌹

Rakesh Kumar

Rakesh Kumar

Jun 25, 2026

good morning ji 🙏