
Rama Devi Sahu
282 days ago
🌷💖* रात्रि चिंतन *💖🌷 =================== *टूटना सितारों से सीखना होगा जो टूट कर भी ज़मी पर नहीं गिरते। दो बीजों की सोच:- एक बार दो बीज धरती में पड़े थे। पहला बीज सोचता था,“मैं बड़ा वृक्ष बनूंगा, लोगों को छाया दूंगा, फल दूंगा। मुझे प्रकाश और जल की ओर बढ़ना है।” दूसरा बीज डरता था,“अगर मैं अंकुरित हुआ तो कीड़े मुझे खा सकते हैं, धूप मुझे जला सकती है। मैं यहीं सुरक्षित हूँ।” समय बीता।* *पहला बीज अंकुरित हुआ, बढ़ा और एक विशाल वृक्ष बन गया। दूसरा बीज वहीं मिट्टी में सड़ गया। “मन ही सब कुछ है।” जिसने सकारात्मक सोचा, वह विकसित हुआ। जिसने भय और नकारात्मकता को चुना वह समाप्त हो गया।* 🌷🌺जय श्री राधेकृष्ण जी 🌺🌷 💜💛 श्रीकृष्णमय रात्रि 💛💜

Comments (6)

Rama Devi Sahu
Nov 21, 2025
Ji Shukriya 🌹

Rama Devi Sahu
Nov 21, 2025
Good 😊 Night 🌹

Rama Devi Sahu
Nov 21, 2025
Jai Shree Shyam 🙏 Subha Ratri Jii 🌹🌹

Rakesh Kumar
Nov 21, 2025
good night 😴

