
Sanju ❤️
23 days ago
🌺 अहंकार का अंत निश्चित है, धर्म की विजय निश्चित है। 🌺 जब भगवान श्रीकृष्ण शांति का संदेश लेकर हस्तिनापुर पहुँचे, तब उन्होंने युद्ध टालने का हर संभव प्रयास किया। परंतु दुर्योधन का अहंकार इतना बढ़ चुका था कि उसने भगवान को ही बंदी बनाने का विचार कर लिया। उसी समय श्रीकृष्ण ने अपना विराट स्वरूप प्रकट किया। पूरी सभा ने देख लिया कि जिन्हें वे एक साधारण मनुष्य समझ रहे थे, वे स्वयं परमेश्वर हैं। 📖 भगवद्गीता (4.7–8) "यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत। अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्॥" "परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्। धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे॥" भावार्थ: जब-जब धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि होती है, तब-तब भगवान धर्म की रक्षा, भक्तों के कल्याण और दुष्टों के विनाश के लिए अवतार लेते हैं। 🙏 जीवन की सीख: अहंकार मनुष्य को सत्य से अंधा कर देता है, जबकि विनम्रता उसे भगवान के चरणों तक पहुँचा देती है। 🦚 राधे राधे 💙 जय श्रीकृष्ण 📿 हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥

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