
Rama Devi Sahu
38 days ago
*🕉️ वैदिक हिन्दू पंचांग 🕉️* 🚩🛕 🚩 *🗓️ दिनांक - 23 जुलाई 2026* *⛅दिन - गुरुवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - दक्षिणायण* *⛅ऋतु - वर्षा* *⛅मास - आषाढ़* *⛅पक्ष - शुक्ल* *⛅तिथि - नवमी प्रातः 07:03 तक तत्पश्चात् दशमी* *⛅नक्षत्र - विशाखा मध्यरात्रि 01:42 तक तत्पश्चात् अनुराधा* *⛅योग - शुभ शाम 07:20 तक तत्पश्चात् शुक्ल* *⛅राहुकाल - दोपहर 02:13 से दोपहर 03:53 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 05:53* *⛅सूर्यास्त - 07:13 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - दक्षिण दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:28 से प्रातः 05:11 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:07 से दोपहर 01:00 (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:12 से मध्यरात्रि 12:55 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️ व्रत पर्व विवरण - सर्वार्थसिद्धि योग (मध्यरात्रि 01:42 से 24 जुलाई प्रातः 05:54 तक), बाल गंगाधर तिलक व चंद्रशेखर आजाद जयंती* *🌥️ विशेष - दशमी को कलंबी शाक खाना त्याज्य है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* *🕉️ परमार्थगीता वर्णन 3, सर्ग 259 📜* *🔴 हे रामजी🙏! यह परम सिद्धान्त तुमको मैंने उपदेश किया है और जिन युक्तियों से कहा है वैसी कोई नहीं कहेगा | अज्ञानी को संसाररूपी🌍 बड़ी भ्रान्ति🌀 उदय हुई है परन्तु जो मेरे शास्त्र📜 को बारम्बार विचारेगा उसकी भ्रान्ति निवृत्त हो जावेगी |* *🔴 दिन के दो विभाग करे, आधे दिन पर्यन्त मेरा शास्त्र विचारे और आधा दिन अपने आचार में व्यतीत करे पर जो आधे दिन इस शास्त्र का विचार न कर सके तो एक प्रहर ही विचारे | जैसे सूर्य☀️ के उदय🌅 हुए अन्धकार🌑 निवृत्त होता है, तैसे ही उसकी भ्रान्ति निवृत्त हो जावेगी |* *🔴 जो मेरे वचन🗣️ पर को वृथा जानकर निन्दा करेगा उसको आत्म पद✨ की प्राप्ति न होगी, क्योंकि उसने शास्त्र के नेव को नहीं जाना | जीव🌱 को यह कर्त्तव्य है कि प्रथम और शास्त्रों को विचार ले फिर पीछे से इसको विचारे कि उसको इस शास्त्र की महिमा भासे |* *🔴 हे रामजी! यह मोक्षोपाय🕊️ शास्त्र आत्मबोध💡 का परम कारण है यदि जीव पदपदार्थों का जाननेवाला हो और इस शास्त्र को बारम्बार विचारे तो उसकी भ्रान्ति निवृत्त हो जावेगी | जो सम्पूर्ण ग्रन्थ📖 के आशय को न जान सके तो थोड़ा- थोड़ा बाँचे और विचारे तो उसको सब समझ पड़ेगा |* *🔴 हे रामजी! यदि मनुष्य कुछ भी पदार्थ जाने तो इसके विचारने और पढ़ने से बुद्धिमान🧠 होता है और यह प्रतिमान् कर लेता है | इसके विचारने वाले की बुद्धि और शास्त्रों की ओर नहीं जाती इससे यह विचारने योग्य है | जो पुरुष आत्मविचार🧘♂️ से रहित है उसका जीना वृथा है और जिनको यह विचार है उनको सब पदार्थ आत्मरूप हो जाते हैं |* *🔴 जो एक श्वास🌬️ भी आत्मविचार से रहित होता है सो वृथा जाता है | एक श्वास के समान सम्पूर्ण पृथ्वी का धन💰 नहीं है यदि एक श्वास निष्फल जाय तो फिर माँगे नहीं मिलता | ऐसे श्वासको जो वृथा गँवाते हैं उनको तुम पशु🦌 जानो |* *🔴 हे रामजी! आयु⏳ बिजली⚡ के चमत्कारवत् है | जैसे बिजली का चमत्कार🌟 होकर मिट जाता है, तैसे ही आयु नष्ट💥 हो जाती है | ऐसे शरीर💪 को धारकर जो सुख😇 की तृष्णा🔥 करते हैं वे महामूर्ख🤦♂️ हैं |* *🔴 हे रामजी! यह सम्पूर्ण जगत्🌍 आभासमात्र🪞 है और सत्य⚖️ भासता है तो भी इसको असत्य❌ जानो | जैसे स्वप्ने💭 की सृष्टि में कोई मृतक💀 होता है और उसके बान्धव रुदन😢 करते हैं और इसका प्रत्यक्ष अनुभव👁️ होता है परन्तु हुआ कुछ नहीं सब भ्रान्तिमात्र है तैसे ही यह जगत् भ्रममात्र जानो |* *🔴 इति श्रीयोगवाशिष्ठे निर्वाणप्रकषणे परमार्थगीतावर्णनंनाम द्विशताधिकैदेकोनषष्टितमस्सर्गः ||259|| 🌺* *🙏🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🙏*
Comments (1)

प्रेम कुमार
Jul 23, 2026
🌹 ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नमः 🌹 शुभ प्रभात वंदन बहना 🌹
