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सेंधा नमक का पूरा सच बहुत सही है, वही विस्तार से समझते हैं। 1. ये समुद्र का नमक नहीं है, ये करोड़ों साल पुरानी चट्टान है हमारा सफेद नमक समुंदर के पानी से बनता है, पर सेंधा नमक / हिमालयन पिंक साल्ट समुंदर से नहीं आता। ये करीब 25 करोड़ साल पहले, जब हिमालय बना, तब जमीन के नीचे दबे हुए समुंद्र के सूखने से बनी चट्टानें हैं। दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे शुद्ध खदान *पाकिस्तान के पंजाब में खेवड़ा (Khewra) खान* है, जिसे हिमालय की तलहटी ही माना जाता है। इसीलिए इसे हिमालयन पिंक साल्ट कहते हैं, जबकि खदान पाकिस्तान में है। इसका गुलाबी रंग लोहे के ऑक्साइड (iron oxide) की वजह से होता है। 2. खदान से आपकी रसोई तक का सफर वीडियो में 4 स्टेप दिखे हैं: *स्टेप 1 - तोड़ना:* पहाड़ के अंदर गहरी सुरंगों में बड़ी-बड़ी मशीनों / ड्रिल से नमक की दीवारों को तोड़ा जाता है। ये दीवारें आपको वीडियो में गुलाबी-सफेद परतों वाली दिख रही हैं। *स्टेप 2 - छांटना:* मशीन से टूटे बड़े-बड़े पत्थरों को मजदूर अपने हाथों से छांटते हैं। जो पत्थर सबसे ज्यादा गुलाबी और साफ होते हैं, उन्हें खाने के लिए रखा जाता है, बाकी को जानवरों के लिए या लैंप बनाने में इस्तेमाल करते हैं। *स्टेप 3 - धोना और पीसना नहीं, सिर्फ साफ करना:* यही सबसे बड़ा फर्क है। सफेद नमक को केमिकल से धोया जाता है, ब्लीच किया जाता है, और anti-caking एजेंट मिलाया जाता है। सेंधा नमक को किसी केमिकल से नहीं धोया जाता। इसे सिर्फ सादे पानी से धोकर धूल हटाई जाती है और फिर क्रशर मशीन में डालकर बड़े डले से लेकर बारीक पाउडर तक पीसा जाता है। इसलिए इसका प्राकृतिक स्वरूप बना रहता है। *स्टेप 4 - पैकिंग:* पीसने के बाद इसमें नमी बहुत जल्दी आती है, इसलिए इसे तुरंत air-tight थैली या डिब्बों में पैक किया जाता है, फिर ट्रकों से मार्केट और आपकी रसोई तक पहुंचता है। 3. फायदा क्या है और नुकसान क्या है? *फायदे - इसमें क्या है?* सफेद नमक में 99% सिर्फ सोडियम क्लोराइड है। सेंधा नमक में *80 से ज्यादा trace minerals* होते हैं - जैसे कैल्शियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम। इस वजह से: - ये थोड़ा कम नमकीन लगता है, पाचन में हल्का माना जाता है। - पोटेशियम होने से BP पर सफेद नमक जितना सीधा असर नहीं डालता, पर इसका मतलब ये नहीं कि BP वाला इसे खुलकर खाए। - व्रत में इसीलिए इसे शुद्ध माना जाता है। *सबसे बड़ा नुकसान - Iodine नहीं है* यही वीडियो का सबसे जरूरी संदेश है। हमारे साधारण सफेद नमक में सरकार ने *Iodine* मिलाना जरूरी किया हुआ है। Iodine हमारे थायराइड हार्मोन (T3, T4) बनाने के लिए और बच्चों के दिमाग के विकास के लिए सबसे जरूरी है। सेंधा नमक में प्राकृतिक रूप से Iodine बिल्कुल न के बराबर होता है। अगर आपने घर से सफेद नमक पूरी तरह बंद करके सिर्फ सेंधा नमक खाना शुरू कर दिया, तो 6-12 महीनों में Iodine की कमी, थायराइड की सूजन (Goiter), थकान, वजन बढ़ना जैसी समस्या आ सकती है। 4. तो सबसे सही तरीका क्या है? Health Expert यही कहते हैं: 1. *बैलेंस रखें:* घर में दोनों नमक रखें। रोज के खाने में Iodine वाला सफेद नमक ही इस्तेमाल करें। व्रत, फल, सलाद या दिन में एक बार सेंधा नमक का उपयोग कर सकते हैं। 2. *मात्रा सबसे जरूरी:* नमक चाहे गुलाबी हो या सफेद, ज्यादा नमक = ज्यादा सोडियम = BP, दिल और किडनी पर बोझ। दिन भर में 5 ग्राम (एक छोटा चम्मच) से ज्यादा नमक किसी भी रूप में न लें। सेंधा नमक जहर नहीं है और अमृत भी नहीं है। ये करोड़ों साल पुरानी एक शुद्ध चट्टान है, जिसे सही मात्रा और सही बैलेंस में खाना ही समझदारी है।

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