
Rama Devi Sahu
191 days ago
सुख व्यक्ति के अहंकार की परीक्षा लेता है और दुख व्यक्ति के धैर्य की परीक्षा लेता है। दोनों परीक्षा में उत्तीर्ण व्यक्ति का जीवन ही एक सफल जीवन कहलाता है। जीवन का एक साधारण सा नियम है और वो ये कि सुख आता है तो वह अपने साथ अहंकार भी लेकर आता है। रावण हो, कंस हो अथवा दुर्योधनादि कौरव हों, इन सबके जीवन की एक ही कहानी है और वो ये कि जीवन में जितना सुख और विलास आया उतना ही अभिमान भी बढ़ता चला गया। रामचरितमानस जी में सत्य ही कहा गया है कि - नहिं कोउ अस जनमा जग माहीं।*l प्रभुता पाइ जाहि मद नाहीं॥ सुख भी उस घी के समान होता है जिसे आदमी खा तो लेता है मगर पचा नहीं पाता। इसी प्रकार दुःख के क्षणों में धैर्य धारण करना भी सबके बस में नहीं होता है। दुःख में बड़े - बड़े महारथियों का धैर्य टूटते देखा गया है। दुःखों के प्रवाह में धैर्य का बांध उसी प्रकार टूट जाता है जैसे बरसाती नदी के प्रवाह में नदी पर बना कोई बांध। सुख के क्षणों में अहंकार को जीतने वाला और दुख के क्षणों में धैर्य धारण करने वाला ही वास्तव में इस जीवन रूपी महासंग्राम का एक सफल योद्धा है। दुख सहना ही नहीं अपितु सुख सहना भी जीवन की एक महान कला है। आपका दिन मंगलमय हो। 🌷🙏
Comments (2)

Rama Devi Sahu
Feb 20, 2026
Aaj kl ke Bacche Abhi bhi hai, Papa Kuch nhi jante Eeise khate hai...!! kintu Papa Hamare Guru or Bhagwan bhi hai...isi liye Papa ko Hamesha Respect dijiye...🙏❤️ Ji Dhanyawad 🙏 Subha Ratri Jii 🌹🌹

RAKESH SHARMA OM NAMH SHIVAY 🥀🚩
Feb 20, 2026
OHH GREAT JI NICE V IMPRESSIVE ATTRACTIVE BEAUTIFUL EXCELLENT POST OF FATHER THANKS JI 👍👌🚩🎄🙏
