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Rama Devi Sahu

35 days ago

*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 26 जुलाई 2026* *⛅दिन - रविवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - दक्षिणायण* *⛅ऋतु - वर्षा* *⛅मास - आषाढ़* *⛅पक्ष - शुक्ल* *⛅तिथि - द्वादशी दोपहर 01:57 तक तत्पश्चात् त्रयोदशी* *⛅नक्षत्र - ज्येष्ठा सुबह 07:34 तक तत्पश्चात् मूल* *⛅योग - इन्द्र रात्रि 10:05 तक तत्पश्चात् वैधृति* *⛅राहुकाल - शाम 05:32 से शाम 07:12 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 05:55* *⛅सूर्यास्त - 07:12 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - पश्चिम दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:29 से प्रातः 05:12 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:07 से दोपहर 01:00 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:12 से मध्यरात्रि 12:55 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - सर्वार्थसिद्धि योग (सुबह 07:34 से 27 जुलाई प्रातः 05:55 तक), प्रदोष व्रत* *🌥️विशेष - द्वादशी को पूतिका (पोई) तथा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* 🌷 *गुरु का मानस-पूजन कैसे करें गुरु पूर्णिमा पर* 🌷 ➡️ *29 जुलाई 2026 बुधवार को गुरु पूर्णिमा है।* 🙏🏻 *गुरुपूनम की सुबह उठें । नहा-धोकर थोडा-बहुत धूप, प्राणायाम आदि करके श्रीगुरुगीता का पाठ कर लें ।* 🌷 *फिर इस प्रकार मानसिक पूजन करें* 🌷 🙏🏻 *‘मेरे गुरुदेव ! मन-ही-मन, मानसिक रूप से मैं आपको सप्ततीर्थों के जल से स्नान करा रहा हूँ । मेरे नाथ ! स्वच्छ वस्त्रों से आपका चिन्मय वपु (चिन्मय शरीर) पोंछ रहा हूँ । शुद्ध वस्त्र पहनाकर मैं आपको मन से ही तिलक करता हूँ, स्वीकार कीजिये । मोगरा और गुलाब के पुष्पों की दो मालाएँ आपके वक्षस्थल में सुशोभित करता हूँ ।* 🙏🏻 *आपने तो हृदयकमल विकसित करके उसकी सुवास हमारे हृदय तक पहुँचायी है लेकिन हम यह पुष्पों की सुवास आपके पावन तन तक पहुँचाते हैं, वह भी मनसे, इसे स्वीकार कीजिये । साष्टांग दंडवत् प्रणाम करके हमारा अहं आपके श्रीचरणों में धरते हैं ।* 🙏🏻 *हे मेरे गुरुदेव ! आज से मेरी देह, मेरा मन, मेरा जीवन मैं आपके दैवी कार्य के निमित्त पूरा नहीं तो हररोज २ घंटा, ५ घंटा अर्पण करता हूँ, आप स्वीकार करना । भक्ति, निष्ठा और अपनी अनुभूति का दान देनेवाले देव ! बिना माँगे कोहिनूर का भी कोहिनूर आत्मप्रकाश देनेवाले हे मेरे परम हितैषी ! आपकी जय-जयकार हो ।’* 🙏🏻 *इस प्रकार पूजन तब तक बार-बार करते रहें जब तक आपका पूजन गुरु तक, परमात्मा तक नहीं पहुँचे । और पूजन पहुँचने का एहसास होगा, अष्टसात्त्विक भावों (स्तम्भ १ , स्वेद २ , रोमांच, स्वरभंग, कम्प, वैवण्र्य ३ , अश्रु, प्रलय ४ ) में से कोई-न-कोई भाव भगवत्कृपा, गुरुकृपा से आपके हृदय में प्रकट होगा ।* 🙏🏻 *इस प्रकार गुरुपूर्णिमा का फायदा लेने की मैं आपको सलाह देता हूँ । इसका आपको विशेष लाभ होगा, अनंत गुना लाभ होगा ।* 🙏🏻 *🙏 🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🙏*

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