
Rama Devi Sahu
220 days ago
*सुबह-सवेरे* *•••••••••••••••••••••••••* वो 13 साल की थी उसे क्या ही पता था, वो हैवान तो उसकी ही दोस्त का पिता था। वो शब्द "बलात्कार" जो अखबारों में छपा है, उसे तो इस शब्द का मतलब भी नहीं पता था।। अब समाज भी आरोपी की जाति देखने लगा है, बस इसीलिए इंसानियत कहीं खो सी गई है। एक प्रवासी ने रेप किया तो आंदोलन हुआ था, अब अमृतधारी है तो वही भीड़ सो सी गई है।। हमें जात पात छोड़ कर इंसानियत पर आना पड़ेगा,, हैवानों के लिए खास एक कानून बनाना पड़ेगा। कोई हिम्मत नहीं करेगा दोबारा इस हिमाकत की, बस 2-3 बलात्कारियों को चौराहे पर *ज़िंदा* जलाना पड़ेगा।। *•••••••••••••••••••••••••* *राम-राम जी* *ईश्वर समाज और इंसानों को सद्बुद्धि दें*
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