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Rama Devi Sahu

138 days ago

प्रथम महीना चैत से गिन राम जनम है जिसमें दिन।। द्वितीय माह आया वैशाख। वैसाखी पंचनद की साख।। ज्येष्ठ मास को जान तीसरा। अब तो जाड़ा सबको बिसरा।। चौथा मास आया आषाढ़। नदियों में लाती है बाढ़।। पांचवें सावन घेरे बदरी। झूला झूलो गाओ कजरी।। भादौ मास को जानो छठा। कृष्ण जन्म की सुन्दर छटा।। मास सातवां लगा कुंआर। दुर्गा पूजा की आई बहार।। कार्तिक मास आठवां आए। दीवाली के दीप जलाए।। नवां महीना आया अगहन। सीता बनीं राम की दुल्हन।। पूस मास है क्रम में दस। पीओ सब गन्ने का रस।। ग्यारहवां मास माघ को गाओ। समरसता का भाव जगाओ।। मास बारहवां फाल्गुन आया। साथ में होली के रंग लाया।। बारह मास हुए अब पूरे। छोड़ो न कोई काम अधूरे।।

Comments (4)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Apr 14, 2026

Mesha Sankranti or Baishakhi ki Hardik Shubhkamnaye 🙏 Yah Din Aap or Aap ke Pure Parivar ka Jeevan me Shukh Shanti or Samriddhi le kr Aaye 🙏 Aap ka Din Subha Mangalmay Ho 🙏🌹

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Apr 14, 2026

Mesha Sankranti or Baishakhi ki Hardik Shubhkamnaye 🙏 Yah Din Aap or Aap ke Pure Parivar ka Jeevan me Shukh Shanti or Samriddhi le kr Aaye 🙏 Aap ka Din Subha Mangalmay Ho 🙏🌹

Sanjay  Ahlawat

Sanjay Ahlawat

Apr 14, 2026

बहुत ही सुन्दर लिखा है आपने धन्यवाद सुप्रभात आपका दिन मंगलमय हो