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Rama Devi Sahu

435 days ago

🙏‼️ Radhey Radhey ‼️🙏 Dt.21.Jun.2025 ( Saturday) **************************** 🙏|| श्रीराधे: ||🙏 *भगवान के इच्छित पदार्थों में सबसे पहला पदार्थ है - गाय। गाय के बिना श्रीकृष्ण प्रसन्न नहीं होते।* आप षोडशोपचार क्या, *भले सैकड़ों उपचारों से भगवान का पूजन कर लें, लेकिन गौ-पदार्थ यदि सेवा पूजा में नहीं हैं तो भगवान संतुष्ट नहीं। बिना गाय के गोविंद जी का पूजन संभव नहीं।* भगवान का वांछित गाय है। *दूसरा भगवान का वांछित पदार्थ है 'गोप'। जो गायों की रक्षा करे और गायों का पालन करे, उसे कहते हैं गोप।* अर्थात *भगवान की पहली इच्छा यह है कि मैं गायों से घिरा हुआ रहूँ, दूसरी इच्छा है कि मैं गौ-पालकों, गौ-सेवकों से घिरा हुआ रहूँ और गौ-सेवा में सहयोग करने वाली जो उन गोप-गणों की गृहणियाँ हैं, धर्मपत्नियां हैं, वे ही हैं 'गोपी'। तो गायों का जो रक्षण-पालन करे, उसे गोप कहते हैं और गायों का रक्षण-पालन करने वाली जो हैं, उन्हें गोपी कहते हैं।* इसका मतलब है *गौरक्षा, गौसेवा में जिसकी प्रवृत्ति है, वही नर गोप है तथा नारी गोपी है और गोप-गोपी श्रीकृष्ण को प्रिय हैं। हम श्रीकृष्ण के प्रिय पात्र बनें, इसके लिए आवश्यक है कि हम गोप और गोपी बन जाएँ।* और मैं मानता हूँ कि *जिन लोगों के पास गौ-पालन हेतु पर्याप्त स्थान और सुलभ साधन उपलब्ध हैं, वे लोग अति भाग्यशाली हैं। क्यूँकि जहाँ गायों का वास होता है वहाँ कृष्ण का वास होता है।* गाय, गोप और गोपी- इनके साथ निरंतर खेलना भगवान को प्रिय है। *गोवंश के बीच रहकर ही ठाकुर जी तृप्त होते हैं।* 🙏❤️कृष्ण गोविंद गोविंद गोपाल नंदलाल❤️🙏

Comments (1)

Deepak  karki

Deepak karki

Jun 21, 2025

🙏🌹राधे कृष्णा राधे राधे जी शुभ संध्या वंदन जी 🙏🌹