
Rama Devi Sahu
199 days ago
मानव जीवन के चार पुरुषार्थ =================== ( १ ) : - धर्म - सात प्रकार की शुद्धि होने पर धर्म की सिद्धि होती है। ( १ ) : - देशशुद्धि , ( २ ) : - कालशुद्धि , ( ३ ) : - मन्त्रशुद्धि ( ४ ) : - देहशुद्धि , ( ५ ) : - विचार शुद्धि , ( ६ ) : - इन्द्रियशुद्धि , ( ७ ) : - द्रव्यशुद्धि ( २ ) : - अर्थ - पाँच साधनो से अर्थ की प्राप्ति होती है (१ ) : - माता पिता के आशीर्वाद ( २ ) : - गुरुकृपा , ( ३ ) : - उद्यम ( ४ ) : - प्रारब्ध , ( ५ ) : - प्रभुकृपा ( ३ ) : - काम - काम इन्द्रियो मेँ बसता है अर्थात् पाँच ज्ञानेन्द्रियाँ , पाँच कर्मेन्द्रियाँ एव मन । इन ग्यारह ठिकानोँ मेँ काम बसा हुआ है । काम जीव मात्र को रुलाता है। काम मन मेँ से जाता नहीँ है , यही विघ्नरुप है , काम मन मेँ आँखो से प्रवेश करता है इसलिए आँखो से भगवान की दिव्य झाँकी का दर्शन करना चाहिए। आओ प्रभु मेरी आँखो मे बस जाओ ( ४ ) : - मोक्ष - भूमिरा पोऽनलो वायुः खं मनोँ बुद्धिरेव च अहंकार इति। ये अष्टधा प्रकृतियाँ है। इन प्रकृतियो को जो बस मे कर लेता है उसे मोक्ष मिलता है। जो अष्टधा प्रकृति के बंधन से मुक्त होता है वह कृतार्थ होता है। प्रकृति का अर्थ है स्वभाव , अनेक जन्मोँ के संस्कार मन मेँ संचित रहते हैँ बडे बडे ऋषि भी प्रकृति (स्वभाव ) को बस मे नहीँ रख सके अतः बन्धन मेँ पडे है। इन अष्टधा प्रकृतियो के बस मेँ जो वह जीव , जो इन्हेँ बस मेँ कर ले वह ईश्वर , श्रवण , कीर्तन आदि भक्ति जिसकी सिद्ध हो गयी वह ईश्वर का हो जाता है।
Comments (4)

Rama Devi Sahu
Feb 12, 2026
🙏‼️ Hari Om Tat Sat ‼️🙏 Subha Sandhya Vandan Jii 🙏 Bhagwan ki Aasirbad Aap pr Hamesha Bani Rahe 🙏 Aap ka Kalyan Ho 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu
Feb 12, 2026
🙏‼️ Hari Om Tat Sat ‼️🙏 Subha Sandhya Vandan 🙏 Bhagwan ki Kripa se Aap Hamesha Khush Rahe Swasth or Surakshit Rahe 🙏 Bhagwan ki Naam Jaap karte Raho...🙏🌹🌹

R k jangid phulera Jaipur
Feb 12, 2026
राधे राधे शुभ संध्या वंदन जी अति सुंदर पोस्ट 🙏

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Feb 12, 2026
radhe radhe 🙏This is incredibly insightful, thanks for sharing!" "Very well-thought-out content. Thank you!" "So much value in this post. Much appreciated." "This is exactly what I needed to read today
