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Rama Devi Sahu

213 days ago

🌿 दक्ष प्रजापति की 60 कन्याएँ और सृष्टि का विस्तार 🌿 ।। श्रीशुकदेव जी कहते हैं ।। राजा परीक्षित! ब्रह्मा जी के विशेष अनुरोध पर दक्ष प्रजापति और उनकी पत्नी असिक्नी के गर्भ से साठ (60) कन्याओं का जन्म हुआ। इन्हीं कन्याओं की वंश परम्परा तीनों लोकों में फैली हुई है। दक्ष ने अपनी इन कन्याओं का विवाह सृष्टि के प्रमुख ऋषियों और देवताओं से किया। आइए जानते हैं यह अद्भुत विभाजन: 🌸 कन्याओं का विवाह-विवरण: १० कन्याएँ: धर्म को १३ कन्याएँ: महर्षि कश्यप को २७ कन्याएँ: चन्द्रमा को (ये २७ नक्षत्र हैं) २ कन्याएँ: भूत को २ कन्याएँ: अंगिरा को २ कन्याएँ: कृशाश्व को ४ कन्याएँ: तार्क्ष्य (कश्यप) को 📜 धर्म की १० पत्नियों और उनकी संतानों का विवरण: धर्म की पत्नियों से ही सृष्टि के कई महत्वपूर्ण तत्वों और देवताओं का जन्म हुआ: भानु: पुत्र देवऋषभ और पौत्र इन्द्रसेन। लम्बा: पुत्र विद्योत (बिजली) और मेघगण। ककुभ्: पुत्र संकट, और पौत्र पृथ्वी के दुर्गों के अभिमानी देवता। जामि: पुत्र स्वर्ग और पौत्र नन्दी। विश्वा: विश्वेदेव गण। साध्या: साध्यगण और पुत्र अर्थसिद्धि। मरुत्वती: पुत्र मरुत्वान् और जयन्त (जो भगवान वासुदेव के अंश 'उपेन्द्र' कहलाते हैं)। मुहूर्ता: मुहूर्त के अभिमानी देवता (जो कर्मानुसार फल देते हैं)। संकल्पा: पुत्र संकल्प और पौत्र काम। वसु: इनके पुत्र 'आठ वसु' हुए। ✨ आठ वसुओं का परिचय: (द्रोण, प्राण, ध्रुव, अर्क, अग्नि, दोष, वसु और विभावसु) इनमें अग्नि से ही कृत्तिका पुत्र स्कन्द का जन्म हुआ। वसु की पत्नी अंगीरसी से शिल्पकला के अधिपति भगवान विश्वकर्मा का जन्म हुआ। 🔥 अन्य प्रमुख वंश: भूत की पत्नी सरूपा: इनसे कोटि-कोटि रुद्रगण उत्पन्न हुए (जिनमें 11 मुख्य रुद्र हैं)। अंगिरा की पत्नियाँ: स्वधा से 'पितृगण' उत्पन्न हुए और सती ने 'अथर्वांगिरस वेद' को पुत्र रूप में स्वीकार किया। यह अद्भुत वंशावली ही हमारी सृष्टि का आधार है। 🙏🚩🌺ॐ नमो भगवते वासुदेवाय🌺🚩🙏

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Comments (2)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jan 29, 2026

🌹🌹 Shubha Guruvar ki Subha Kamanayen ke Sath Radhey Radhey Bahi 🌹 Bhagwan ki Aasirbad Aap pr Hamesha Bani Rahe 🌹🌹

Dr Anurag Prajapati

Dr Anurag Prajapati

Jan 29, 2026

जय श्री राधे कृष्णा दीदी