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Rama Devi Sahu

168 days ago

*卐~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~卐* *🌞दिनांक - 16 मार्च 2026* *⛅दिन - सोमवार* *⛅विक्रम संवत् - 2082* *⛅अयन - उत्तरायण* *⛅ऋतु - वसंत* *⛅मास - चैत्र* *⛅पक्ष - कृष्ण* *⛅तिथि - द्वादशी सुबह 09:40 तक तत्पश्चात् त्रयोदशी* *⛅नक्षत्र - धनिष्ठा प्रातः 06:22 मार्च 17 तक तत्पश्चात् शतभिषा* *⛅योग - शिव सुबह 09:37 तक तत्पश्चात् सिद्ध* *⛅राहुकाल - सुबह 08:05 से सुबह 09:35 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 06:35* *⛅सूर्यास्त - 06:36 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - पूर्व दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:59 से प्रातः 05:47 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:12 से दोपहर 01:00 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:11 से मध्यरात्रि 12:59 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - सोमप्रदोष व्रत* *🌥️विशेष - द्वादशी को पूतिका (पोई) व त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* *🔹सर्वसुलभ, पोषक व औषधीय गुणों से भरपूर सहजन🔹* *🔸स्वास्थ्य-लाभकारी प्रयोग🔸* *🔸(1) शारीरिक पुष्टि हेतु : सहजन के पत्तों का आधा से 1 ग्राम चूर्ण प्रतिदिन 2 बार सेवन करने से कुपोषण के शिकार हुए बच्चों की शारीरिक पुष्टि व वृद्धि कम समय में हो सकती है । बड़े व्यक्ति 2 से 5 ग्राम ले सकते हैं ।* *🔸(2) प्रसूताओं के लिए : सहजन के आधी कटोरी हरे पत्ते 1 चम्मच घी में सेंककर कुछ दिन तक प्रसूताओं को खिलाने से उनमें दूध की कमी नहीं होती और बच्चे को जन्म देने के बाद की कमजोरियों, जैसे थकान आदि का भी निवारण होता है ।* *🔸(3) रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने हेतु : सहजन की फली और पत्तों का सूप बनाकर या इन्हें दाल के साथ सेवन करने से रोगप्रतिरोधक क्षमता तेजी से बढ़ती है तथा ऋतु-परिवर्तनजन्य बीमारियों से सुरक्षा होती है ।* *🔸(4) पेट की समस्याओं में : पेट की समस्याओं के लिए सहजन कारगर औषधि है । इसके कोमल पत्तों का साग खाने से शौच साफ होता है । इसकी फलियों की सब्जी खाने से पेट के कीड़े नष्ट होते हैं ।* *🔸(5) पुरुषत्व की वृद्धि हेतु : इसके 8-10 फूलों को 250 मि.ली. दूध में उबालकर सुबह-शाम पीने से शारीरिक कमजोरी दूर होती है और पुरुषत्व की वृद्धि होती है ।* *🔸(6) गायों को नियमित आहार के साथ सहजन के सूखे पत्ते, फली आदि खिलाने से उनके दुग्ध-उत्पादन में काफी बढ़ोतरी होती है ।* *🔸ध्यान दें : सब्जी के लिए ताजी एवं गूदेवाली फली का प्रयोग करें । सहजन दाहकारक एवं पित्त-प्रकोपक है । पित्त-प्रकोप हो तो इसके सेवनकाल में दूध, गुलकंद आदि पित्तशामक पदार्थों का उपयोग करें । गुर्दे (kidneys) की खराबी में इसे न लें ।* *🌞🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🌞*

Comments (2)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Mar 16, 2026

🙏🔱 Har Har Mahadev 🔱 Om Namah Shivay 🔱🙏 Shubha Sakal ka Subha Abhivadan 🙏🌹🌹

R k jangid 

phulera Jaipur

R k jangid phulera Jaipur

Mar 16, 2026

जय भोलेनाथ जी की 🙏