
Rama Devi Sahu
65 days ago
*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 26 जून 2026* *⛅दिन - शुक्रवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - उत्तरायण* *⛅ऋतु - वर्षा* *⛅मास - ज्येष्ठ* *⛅पक्ष - शुक्ल* *⛅तिथि - द्वादशी रात्रि 10:22 तक तत्पश्चात् त्रयोदशी* *⛅नक्षत्र - विशाखा शाम 07:16 तक तत्पश्चात् अनुराधा* *⛅योग - सिद्ध सुबह 11:39 तक तत्पश्चात् साध्य* *⛅राहुकाल - सुबह 10:48 से दोपहर 12:30 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 05:43* *⛅सूर्यास्त - 07:16 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - पश्चिम दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:20 से प्रातः 05:01 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:03 से दोपहर 12:57 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:09 से मध्यरात्रि 12:51 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️ व्रत पर्व विवरण - रामलक्ष्मण द्वादशी, मुहर्रम (ताजिया)* *🌥️ विशेष - द्वादशी को पूतिका (पोई) खाने से पुत्र नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* 👉🏻 *चूकना मत! 27 जून को बेलपत्र और शमीपत्र पर चंदन से यह नाम लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं, चौमुखी दीपक इस स्थान पर जलाएं—समृद्धि का शुभ योग बनेगा* 🌷 *शनिप्रदोष व्रत* 🌷 🙏🏻 *हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महिने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार 27 जून, शनिवार को शनिप्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। प्रदोष पर व्रत व पूजा कैसे करें और इस दिन क्या उपाय करने से आपका भाग्योदय हो सकता है, जानिए…* 👉🏻 *ऐसे करें व्रत व पूजा* 🙏🏻 *- प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान शंकर, पार्वती और नंदी को पंचामृत व गंगाजल से स्नान कराएं।* 🙏🏻 *- इसके बाद बेल पत्र, गंध, चावल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य (भोग), फल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची भगवान को चढ़ाएं।* 🙏🏻 *- पूरे दिन निराहार (संभव न हो तो एक समय फलाहार) कर सकते हैं) रहें और शाम को दुबारा इसी तरह से शिव परिवार की पूजा करें।* 🙏🏻 *- भगवान शिवजी को घी और शक्कर मिले जौ के सत्तू का भोग लगाएं। आठ दीपक आठ दिशाओं में जलाएं।* 🙏🏻 *- भगवान शिवजी की आरती करें। भगवान को प्रसाद चढ़ाएं और उसीसे अपना व्रत भी तोड़ें।उस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।* 👉🏻 *ये उपाय करें* *सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद तांबे के लोटे से सूर्यदेव को अर्ध्य देें। पानी में आकड़े के फूल जरूर मिलाएं। आंकड़े के फूल भगवान शिवजी को विशेष प्रिय हैं । ये उपाय करने से सूर्यदेव सहित भगवान शिवजी की कृपा भी बनी रहती है और भाग्योदय भी हो सकता है।* *🙏🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🙏*
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