
Srikumar महाराज🇮🇳☸️
77 days ago
*अमृत कलश* *"स्रोत की शुद्धता"* 〰️〰️〰️❗❗〰️〰️〰️ *🌞 प्रकृति द्वारा शांति प्राप्त करने का सबको समानाधिकार दिया गया है। यदि शांति केवल धन से प्राप्त हो पाती तो वह अमीरों की जागीर बनकर रह जाती। अपने जीवन में कोई कितना ही धनवान क्यों न हो, लेकिन शांति को खरीद नहीं सकता और दुःखों को बेच नहीं सकता है। धन सुख के साधनों को तो उपलब्ध करा देता है, लेकिन शांति के साधनों को उपलब्ध नहीं करा पाता है। शांति का संबंध धन से नहीं अपितु हमारे धर्मयुक्त जीवन से है।* *🌞जिस प्रकार जल का स्रोत ही विषाक्त होने पर पात्र की शुद्धता का कोई महत्व नहीं रह जाता, वह रोगों को ही जन्म देने वाला है। ठीक ऐसे ही धन के अर्जन का स्रोत दूषित रहने पर वह भी जीवन की अशांति का कारण ही बनने वाला है।* *गलत मार्गों से अर्जित धन किसी मनुष्य को बाहर से समस्त सुख साधनों को उपलब्ध करवा कर भी भीतर से अतृप्त ही रखता है। यदि हमारी कमाई का मार्ग पवित्र है तो धन भले थोड़ा कम रहे, लेकिन जीवन में शांति अवश्य रहेगी-..!!!* *🌺 जय माता दी 🌺*
Comments (2)

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Jun 15, 2026
जय श्री कृष्णा जय श्री महाकाल धन्यवाद छोटी गुड़िया स्वस्थ कुश रहो भगवान कल्याण करे 🙏

Riya Riya 💖💖
Jun 14, 2026
जय श्री कृष्णा 🦚🌿🌹💕हर हर महादेव जी 🕉️🔱🔔🙏🌹
