
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
2 days ago
*💫🌹 शुभ रात्रि🌹💫* *🌹सीता ने महल छोड़ दिया द्रौपदी ने सभा छोड़ दी मीरा ने बंधन छोड़ दिए पर किसी ने अपना स्वाभिमान नहीं छोड़ा इतिहास हमें यही सिखाता है रिश्ते राज-पाट और लोग हमें फिर मिल सकते हैं पर खोया हुआ आत्मसम्मान फिर लौटकर नहीं आता अपना सम्मान बनाएं रखिए* *🌹जीभ और शब्द सबके पास होते हैं मगर जो अपने लिए जीते हैं वो कह लेते है और जो अपनो के लिए जीते है वो सह लेते है* *🌹यहा किसी के होने या न होने से "फर्क"नहीं पड़ता"मिट्टी" से बने है और मिट्टी में मिल जाना है हम सब "मुसाफिर" हैं उस रास्ते के जिसकी कोई"मंजिल"ही नहीं है "तमाशा" खत्म होगा "परदे"गिर जायेगे यहां कोई किसी का नहीं सब भूल जायेगे "सासो" का क्या "भरोसा" आज चल रही है कल याद बन जायेगी चलते रहने से शरीर और चलाते रहने से संबंध स्वस्थ रहते है दोनों को स्वस्थ रखिये "पछतावा" अतीत नहीं बदल सकता* *और चिंता" भविष्य नहीं सँवार सकती इसलिए"वर्तमान"का"आनंद"लेना ही"जीवन"का सच्चा सुख है व्यक्ति के अंदर यदि सन्तोष है तो वह "सर्वाधिक धनी"है"शान्ति" है तो "सर्वाधिक सुखी"है और यदि "दया" है तो "सर्वाधिक श्रेष्ठ" है।* *💫🌹शुभ रात्रि🌹💫*

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