
Rama Devi Sahu
132 days ago
‼️श्री राधासुधानिधि श्लोक:-२६८‼️ 🏵️श्री राधिकायै नमः🏵️ काहं मूढमतिः क नाम परमानन्दैकसारं रसः श्रीराधाचरणानुभावकथया निस्यन्दमाना गिरः! लग्नाः कोमलकुञ्जपुञ्जविलसद्वृन्दाटवीमण्डले क्रीडच्छीवृषभानुजापदनखज्योतिश्छटाः प्रायशः!! भावार्थ:- दैन्यपूर्ण श्रीजी का ध्यान! कहाँ तो मंदबुद्धि मैं और कहाँ परमानन्द का भी सार रसरूप उनका 'श्रीनाम', फिर भी श्रीराधारानी के चरण-प्रभाव-कथन वाला आन्दोलित हो रहा यह मेरा वाक्य-समूह जो कि कोमल कुञ्जसमूहों में श्रीवृन्दावन में संलग्न प्रायः क्रीडापरायण वृषभानुलाडिली की पद-नख-ज्योति की छटा से युक्त है! . 🌹श्री राधे कीजे कृपा की कोर 🌹
Comments (2)

Pannalal panchal
Apr 22, 2026
श्री कृष्ण शरणम् मम

Pannalal panchal
Apr 22, 2026
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
