
Rama Devi Sahu
317 days ago
कार्तिक कृष्ण द्वादशी को गोवत्स द्वादशी के नाम से जाना जाता है, इसे बछ बारस और गुजरात में वाघ बरस का पर्व भी कहते हैं। इस दिन महिलाएं अपने बच्चों की दीर्घायु, परिवार की समृद्धि और सुख-शांति की कामना से व्रत रखती हैं। यह व्रत कार्तिक, माघ, वैशाख और श्रावण महीनों की कृष्ण द्वादशी को होता है। इस दिन गाय और बछड़े की पूजा की जाती है तथा गाय के दूध से बने पदार्थों का सेवन नहीं किया जाता। यह पर्व दीपावली की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है, और धनतेरस से एक दिन पहले मनाया जाता है।

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