
Rama Devi Sahu
77 days ago
🌊🚩 नाविक बने जग के नाथ 🚩🌊 ✨स्वर्णिम संध्या की बेला में, सागर गाता मधुर तान, नाव सजाकर स्वयं चले हैं, मेरे प्यारे जगन्नाथ भगवान। हाथों में पतवार सुशोभित, मुख पर अद्भुत दिव्य मुस्कान, भक्तों के जीवन-सागर में, बनकर आए आज कप्तान।🙏🏻😮 ✨लहर-लहर में प्रेम छलकता, जल में झलके प्रभु का रूप, दूर क्षितिज तक फैली महिमा, जैसे फैला दिव्य स्वरूप। दीप तैरते जल की गोद में, ज्योति बिखेरें चारों ओर, प्रभु के चरणों का स्पर्श पाकर, धन्य हुआ यह सिंधु-तट ठौर।🙏🏻 ✨भक्त खड़े हैं हाथ जोड़कर, नयनों में विश्वास लिए, मन की सारी व्यथा समर्पित, प्रभु का मधुर आशीष लिए। कोई माँगे सुख का सावन, कोई माँगे शांति अपार, सबकी झोली भरने वाले, बैठे हैं करुणा के भंडार।🙏🏻🤔 ✨काली काया, स्वर्ण मुकुट में, कितने सुंदर लगते नाथ, देख उन्हें मिट जाते सारे, जीवन के दुख, भय और आघात। उनकी बड़ी-बड़ी आँखों में, सारा जग समाया है, हर प्राणी को प्रेम बाँटना, उनका पावन साया है।🙏🏻🤔 ✨जब जीवन की नाव भटकती, उठते संकट के तूफान, तब पतवार संभालने आते, मेरे जग के पालनहार। अंधियारे में दीप बनकर, राह दिखाते बारंबार, भक्तों को भवसागर से वे, करते हैं सदा पार।🙏🏻😢 ✨हे नीलाचल के महाप्रभु, रखना सदा कृपा की छाँव, भक्ति की धारा बहती रहे, हर मन में बनकर मधुर प्रभाव। जब तक साँसें चलती रहें, गूँजे तेरा पावन नाम, "जय जगन्नाथ" की ध्वनि से ही, रोशन हो यह सारा धाम।🙏🏻😭 सागर, सूरज, दीप और नैया, सब करते हैं तेरा गुणगान, नाविक बनकर जग को तारें, मेरे श्री जगन्नाथ भगवान। जय जगन्नाथ! 🚩🙏 #दारुव्रम्ह_जगन्नाथ 🐚🥀🙏🏻

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