
Rama Devi Sahu
8 hours ago
राधा नाम रटत रस रास, मनमोहन रीझे। लोचन - कोर कटाक्ष कृपा करि, गिरधर घन निज भींजे॥ चंद्र-चंद्रिका रूप-उजास, निसि-दिन हिय उजिआरौ। चरन-कमल की धूलि लै सिर पर, जीवन-प्रान सुधारौ॥ नाहिन जानूँ जोग न जाप, ना कोई ज्ञान-बिचार। केवल किसोरी-कृपा-सुधा को, माँगत हौं आधार॥
Comments (1)

Ramesh chand
Sep 6, 2026
राधे राधे शुभ दोपहर ❤️रामादेवी साहू बहन ज़ी 🌹🙏
