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Saumya Sharma

225 days ago

जय श्री राधे कृष्ण 🙏🌹☺️ श्री कृष्ण की केवल एक पत्नी थीं और वो थीं माँ रुक्मणी इसके अलावा उनकी सात पटरानियाँ थीं जो राज काज में उनकी मदद करती थीं. ये जो सात पटरानियाँ थीं उनके नाम जाम्बवन्ती, सत्यभामा, कालिन्दी, मित्रबिन्दा, सत्या, भद्रा और लक्ष्मणा था. ये सातों पटरानियाँ श्री कृष्ण को इन पटरानियों के माता पिता ने स्वयं दिया था क्यूंकि वे श्री कृष्ण से उचित वर इनके लिये किसी अन्य को नहीं मानते थे और हो भी क्यूँ ना क्यूंकि श्री कृष्ण भगवान थे और द्वारकाधीश थे। हालाँकि श्री कृष्ण ने सभी को समान रूप से सम्मान दिया और भेंट स्वरूप इन 7 पटरानियों को स्वीकार किया था परंतु उनकी पत्नी का दर्जा केवल माँ रुक्मणी को है जोकि स्वयं लक्ष्मीं जी का अवतार थीं. भगवान श्री कृष्ण ने भी भगवान राम की ही तरह माता रुक्मणी से 12 वर्ष का वियोग सहा था. बाकी जिन्हें आप श्री कृष्ण की 16100 रानियां बता रहे हैं वे उनकी रानियां नहीं थीं अपितु उन्हें रानियों का दर्जा प्राप्त था. जब श्री कृष्ण ने नरकासुर का वध किया तो ये 16100 गोपियाँ उसकी कैद से आजाद हो गयीं और इन सभीने श्री कृष्ण से उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार करने की इच्छा जाहिर की तब भगवान श्री कृष्ण ने अपने 16100 रूप बनाकर सभी को रानियों का सम्मानित दर्जा दिया ताकि समाज इनपर कोई उंगली ना उठा सके. माँ रुक्मणी जी का मंदिर द्वारका में । परंतु आजकल लोग उनके इस सम्मानित कार्य का भोंडा मजाक बना कर उन्हें अपमानित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे. धिक्कार है ऐसे लोगों पर. जब श्री कृष्ण ने द्वारका को छोड़ने का निश्चय किया तो उनकी पत्नी और सात पटरानियाँ और 16100 रानियों का दर्जा प्राप्त गोपियाँ सभी द्वारका के समीप स्थित श्री गोपी तालाब के नजदीक गयीं और वंहा सभी ने जल समाधी लेकर प्राण त्यागकर गोलोक जाना निर्धारित किया. आज भी ये गोपी तालाब मौजूद है और इसी गोपी तालाब से पीले रंग की मिट्टी निकलती है जिसे गोपी चंदन बोला जाता है। ये गोपी चंदन ही माथे पर तिलक के रूप में लगाया जाता है. श्री राधा रानी भी गोपी थीं और भगवान श्री कृष्ण की बचपन की सखी थीं उस समय उनकी आयु 12 वर्ष और श्री कृष्ण की आयु 11 वर्ष थी जब श्री कृष्ण ने वृंदावन हमेशा के लिये छोड़ दिया था. अब सोचिये एक 11 और 12 वर्ष के बालक बालिका में जो रिश्ता होता है खेल का, आत्मीय प्रेम का, जो बहुत ही सुन्दर, सच्चा और पवित्र होता है,वोही उन दोनों में था जबकि समाज ने इस रिश्ते में भी भोंडा पन ढूंढ लिया है. क्या आज के समय में भी बच्चे आपस में मिलकर खेल नहीं खेलते? लड़के लडकिया अपने बचपन में समान रूप से खेल खेलते हैं ऐसा ही उस समय भी होता था जिसे दुनिया ने रास लीला का नाम दे दिया. हां राधा रानी श्री कृष्ण का बचपन का पहला प्रेम हैं परंतु एक आत्मीय प्रेम आजकल का प्रेम नहीं इसलिये श्री कृष्ण से पहले दुनिया राधा जी का नाम लेती है. राधा रानी स्वयं श्री त्रिपुर सुंदरी ललिता हैं. जरा सोचिये गीता का ज्ञान देने वाले श्री कृष्ण जिन्होंने जिंदगी भर मनुष्य रूप में दुख , वियोग और दर्द सहा परंतु फिर भी सदैव मुस्कुराते रहे क्या उनका ये त्याग नहीं था तो और क्या था परंतु अफसोस कुछ लोग उन्हें समझने के बजाय उनका अपमान करते हैं अज्ञानतावश. भगवान श्री कृष्ण जगन्नाथ हैं जिनकी रक्षा में स्वयं माँ काली और हनुमान जी और भैरव रहते हैं. श्री कृष्ण सिर्फ बांसुरी धारी ही नहीं सुदर्शन चक्र धारी भी हैं. खैर ठाकुर जी सभी का भला करें. धन्यवाद🙏

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Comments (59)

Srikumar  महाराज🇮🇳☸️

Srikumar महाराज🇮🇳☸️

Jan 26, 2026

🤣सो जाओ राधे राधे 🙏

Umesh  Sharma

Umesh Sharma

Jan 22, 2026

राधे राधे 🌹

Suresh Kumar

Suresh Kumar

Jan 21, 2026

शादी कब की है

Suresh Kumar

Suresh Kumar

Jan 21, 2026

सदा खुश रहो मेरी प्यारी बहन 🙏

Saumya Sharma

Saumya Sharma

Jan 21, 2026

जय श्री राधे कृष्ण भैया जी 🙏 शुभ मंगलकामनाओं के साथ शुभ दोपहर वंदन 🙏 आपका दिन शुभ फलदाई व मंगलमय रहे 🙏🌹☺️

Suresh Kumar

Suresh Kumar

Jan 21, 2026

राधे राधे जी 🙏शुभ दोपहर वंदन मेरी बहन

Umesh  Sharma

Umesh Sharma

Jan 20, 2026

radhe radhe 🌹shubh ratri🌹