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Rama Devi Sahu

401 days ago

🙏‼️ Radhey Radhey ‼️🙏 Dt.25.07.2025 (Friday) *************************** मनुष्य का स्वभाव ही ऐसा है कि वह जुड़ता है‌‌ रिश्तों से, लोगों से, स्मृतियों से, और उम्मीदों से। हमारा जीवन एक लंबे रिश्तों के सफ़र की तरह होता है, जिसमें हम हर पड़ाव पर किसी न किसी के साथ चलने लगते हैं। कभी दोस्त, कभी प्रेमी, कभी परिवार, कभी सहकर्मी , हर किसी से एक नया बंधन, एक नया विश्वास जुड़ता है। और हम प्रयास करके हर बार उन्हें अपनी ओर से अपना सर्वश्रेष्ठ देते हैं। हम पूरे दिल से अपना निस्वार्थ प्रेम, समय, ऊर्जा, सहानुभूति, तन, मन और धन—सब कुछ उन पर बेशर्त खुशी खुशी न्यौछावर कर देते हैं। यह सोचकर कि हमें भी उनसे वैसा ही अपनापन,वैसा ही भावनात्मक सहारा मिलेगा। लेकिन वास्तविकता अक्सर कल्पनाओं से अलग होती है। अक्सर बदले में उनसे हमें कभी उपेक्षा, कभी चुप्पी और कभी तटस्थता आदि मिलते हैं। और फिर एक दिन ऐसा आता है, जब प्रयास करते हम भीतर तक थक कर टूट जाते हैं। और यह थकान सिर्फ शरीर की नहीं होती, थकान हमारी आत्मा की होती है । उस मोड़ पर हम खुद से सवाल पूछते हैं: “क्या मैंने कम किया?” "क्या मैंने गलत‌ किया?" “क्या मुझमें कोई कमी थी?” और जब हम पूरी ईमानदारी से जवाब तलाशते हैं, तब हमें समझ आता है कि हमने अपना हर फ़र्ज़ निभाया था। और बस यहीं से मोहभंग शुरू होता है। मोहभंग अचानक नहीं होता वह धीरे-धीरे होता है। पहले हम उम्मीदें छोड़ते हैं। फिर हम सफ़ाई मांगना बंद करते हैं। फिर हम रोना भी छोड़ देते हैं। और अंत में, हम शिकायतें करना भी बंद कर देते हैं। और तब उस अवस्था में कोई भी चीज़ चुभती नहीं, बस असर करना बंद कर देती है। जिन लोगों के एक शब्द से कभी दिल भर आता था, अब उनकी चुप्पी भी सामान्य लगने लगती है। अब किसी की मौजूदगी सुकून नहीं देती, और किसी की गैरमौजूदगी तकलीफ़ नहीं देती। ये मोहभंग का पहला प्रमाण है। और तब इस दुनिया से … थककर चूर हो कर हम खुद के पास लौटते हैं। जब हर ओर से सारे रिश्ते नातों के धागे टूट जाते हैं, तो हम अपने भीतर उतरते हैं। खुद को समझने लगते हैं। उसी तलाश में हमें ईश्वर मिलते हैं शायद वही जिसे हम पहले बाहर ढूंढते थे लेकिन हमें अहसास होता है कि वह तो हमारे भीतर ही था। हमारी हर थकावट, हर टूटी उम्मीद, हर गिरा हुआ आँसू उसने सब देखा था। और फिर धीरे-धीरे यह अहसास गहराता है: कि जब ईश्वर हाथ थाम ले, तो किसी रिश्ते के छूटने का दुःख शून्य हो जाता है। तब न कोई शिकायत रहती है, न कोई इंतजार न कोई मलाल। न कोई चाह, न कोई डर। बस एक शांति—जिसमें हम किसी से कुछ नहीं माँगते। जिसमें हम खुद को पर्याप्त समझने लगते हैं। मोहभंग का अंतिम सत्य क्या है? यह कि हम बाहर के शोर से भीतर की शांति तक का सफर तय कर लेते हैं। यह कि हम जान जाते हैं—जो चला गया वो अपना था ही नहीं शायद हमारा भ्रम था । और जो हर हाल में साथ चलता है वह होता है ईश्वर, और हमारा अपना आत्मबल। "रिश्तों की भीड़ में जब कोई नहीं बचता, तब खुद से मिलना ही सबसे सच्चा रिश्ता बन जाता है। मोहभंग दुःख नहीं है, वह वो दरवाज़ा है, जिससे गुजरकर हम अपने वास्तविक घर यानि कि अपने भीतर लौटते हैं। और अंततः हम "राधा नाम" या अन्य ईष्ट देव से लौ लगा लेते हैं। **************************************

Comments (15)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jul 25, 2025

Radhey radhey Jii 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jul 25, 2025

🙏🌺 Jai Mata Di 🌺🙏 Subha Sandhya Vandan 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jul 25, 2025

🙏🌺 Jai Mata Di 🌺🙏 Subha Shukravar ki Subha Kamanayen 🙏 Subha Dopahar Jii 🙏 Mata Rani ki Aasirbad Aap pr Hamesha Banaye Rakhe 🙏 Aap ka Kalyan Ho 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jul 25, 2025

🙏🌺 Jai Mata Di 🌺🙏 Subha Shukravar ki Subha Kamanayen 🙏 Aap ka Din Subha Mangalmay Ho 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jul 25, 2025

🙏🌺 Jai Mata Di 🌺🙏 Suprabhat Jii 🙏 Mata Rani ki Kripa se Aap ka Har Pal Subha ebm Mangalmay Ho 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jul 25, 2025

🙏🌺 Jai Mata Di 🌺🙏 Suprabhat Jii 🙏 Mata Rani ki Aasirbad Aap pr Sadeib Banaye Rakhe 🙏 Aap ka Din Subha Mangalmay Ho 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jul 25, 2025

🙏🌺 Jai Mata Di 🌺🙏 Subha Shukravar ki Subha Kamanayen 🙏 Aap ka Din Subha Mangalmay Ho 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jul 25, 2025

Jai Shree Ram 🙏 Jai Siya Ram 🙏🌹🌹