
Rama Devi Sahu
163 days ago
भूखे साधु और श्रीकृष्ण की करुणा एक छोटे से गाँव के किनारे एक बूढ़े साधु रहते थे। उनके पास न कोई आश्रम था, न कोई धन-दौलत। वे केवल एक फटे हुए आसन पर बैठकर भगवान का नाम जपते रहते थे। उनके शरीर पर केवल पीले वस्त्र थे और हाथ में एक छोटी सी माला। साधु का जीवन बहुत कठिन था। कई दिन ऐसे भी बीत जाते थे जब उन्हें भोजन नहीं मिलता था। लेकिन फिर भी उनके होंठों पर हमेशा एक ही नाम रहता— “कृष्ण… कृष्ण…” एक दिन साधु कई दिनों से भूखे थे। शरीर कमजोर हो चुका था, पर भक्ति अडिग थी। उस दिन उन्होंने आकाश की ओर देखकर कहा— “हे मेरे कान्हा! आज तो बहुत भूख लगी है। अगर आज भी भोजन नहीं मिला, तो भी मैं आपका नाम नहीं छोड़ूँगा।” यह कहकर वे एक पेड़ के नीचे बैठ गए और आँखें बंद कर भगवान का ध्यान करने लगे। उसी समय एक सुंदर युवक वहाँ आया। उसके सिर पर मोरपंख था, पीले वस्त्र पहने थे और चेहरे पर अद्भुत मुस्कान थी। लेकिन साधु ने ध्यान में होने के कारण उसे पहचाना नहीं। युवक ने प्रेम से कहा, “बाबा, आप बहुत थके हुए लगते हैं। चलिए, आज हम दोनों मिलकर भोजन बनाते हैं।” साधु ने आश्चर्य से पूछा, “बेटा, तुम कौन हो? और यहाँ कैसे आए?” युवक मुस्कुराया और बोला, “मैं बस एक यात्री हूँ बाबा… लेकिन आज मैं आपकी सेवा करना चाहता हूँ।” फिर दोनों ने मिलकर पास की झोपड़ी में चूल्हा जलाया। युवक ने बड़ी प्रेम से दाल चढ़ाई, रोटी बनाई और साधु के लिए भोजन तैयार किया। जब भोजन तैयार हुआ तो उसने पहले साधु को प्रेम से परोसा। साधु ने जैसे ही पहला कौर खाया, उनकी आँखों से आँसू बहने लगे। वे बोले— “आज का भोजन इतना मधुर है जैसे स्वयं भगवान ने बनाया हो।” युवक केवल मुस्कुराता रहा। भोजन के बाद साधु ने हाथ जोड़कर कहा— “बेटा, तुमने आज एक भूखे साधु की सेवा करके बहुत बड़ा पुण्य किया है। भगवान तुम्हें सुख दें।” तभी साधु की नज़र युवक के सिर पर लगे मोरपंख पर पड़ी… और उनके मन में एक अजीब सी अनुभूति हुई। वे काँपती आवाज़ में बोले— “क्या… क्या आप मेरे कृष्ण हैं?” साधु ने जैसे ही सिर उठाया, वह युवक वहाँ नहीं था। केवल हवा में बांसुरी की मधुर धुन गूँज रही थी। साधु की आँखों से आँसू बहने लगे। वे जमीन पर गिरकर रोते हुए बोले— “हे प्रभु! आप सच में अपने भक्तों को कभी अकेला नहीं छोड़ते।” उस दिन साधु को समझ आ गया कि सच्चे प्रेम और भक्ति से पुकारो, तो भगवान स्वयं आकर अपने भक्त की सेवा करते हैं। 🙏 कृष्ण अपने भक्तों की भूख भी मिटाते हैं और उनके हृदय को प्रेम से भर देते हैं। जय श्री कृष्ण। 🌸

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