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Rama Devi Sahu

55 days ago

ॐ नमः शिवाय ॐ ना सोने का सिंहासन, ना राजाओं सा वैभव, श्मशान जिनका निवास, और भस्म जिनका श्रृंगार है... फिर भी देवों के देव कहलाते हैं, क्योंकि उनका हृदय अहंकार से नहीं, करुणा से भरा है। जो विष को भी कंठ में रोक लें, ताकि संसार सुरक्षित रहे, जो रुद्र भी हैं, और भोले भी, वही मेरे महादेव हैं। हर-हर महादेव! 🔱🕉️ "शिव ही सौंदर्य हैं और शिव बल भी हैं" व्याख्या: इस पंक्ति में विरोधाभासों के मिलन को दर्शाया गया है। शिव केवल संहारक नहीं हैं, बल्कि वे ब्रह्मांड का परम सौंदर्य भी हैं। उनकी शांत मुद्रा, मस्तक पर चंद्रमा और जटाओं से बहती गंगा अनुपम सौंदर्य का प्रतीक हैं। इसके साथ ही, वे अनंत बल और शक्ति के स्रोत भी हैं। जब संसार पर संकट आता है, तो उनका यही बल रौद्र रूप (महाकाल) बनकर सृष्टि की रक्षा करता है। "शिव ही मात गंगे और एक लोटा जल भी हैं" व्याख्या: शिव का स्वभाव विशाल भी है और अत्यंत सरल भी। वे अपनी जटाओं में 'मात गंगे' जैसी विशाल और पवित्र नदी को समाहित रखने वाले देव हैं, लेकिन उन्हें प्रसन्न करने के लिए किसी बड़े यज्ञ या तामझाम की आवश्यकता नहीं है; वे भक्तों द्वारा श्रद्धा से चढ़ाए गए महज 'एक लोटा जल' से भी तृप्त और प्रसन्न हो जाते हैं। इसीलिए उन्हें 'आशुतोष' (शीघ्र प्रसन्न होने वाले) कहा जाता है। "शिव तन की भस्म हैं शिव बिल्व पत्र हैं" व्याख्या: यहाँ शिव जी की सादगी और वैराग्य को दर्शाया गया है। जहाँ अन्य देवता आभूषणों से सुसज्जित होते हैं, वहीं शिव अपने शरीर पर 'भस्म' (राख) लगाते हैं, जो इस बात का प्रतीक है कि यह संसार नश्वर है और अंत में सब कुछ मिट्टी या राख में मिल जाना है। वे प्रकृति के सबसे साधारण हिस्से 'बिल्व पत्र' (बेलपत्र) को प्रेम से स्वीकार करते हैं, जो दिखाता है कि वे आडंबरों से कोसों दूर हैं। "शिव एक ठौर पर भी शिव ही सर्वत्र हैं" व्याख्या: यह पंक्ति शिव के कण-कण में व्याप्त होने की गवाही देती है। शिव कैलाश पर्वत पर एक स्थान ('एक ठौर') पर ध्यानमग्न योगी के रूप में विराजमान दिखाई देते हैं, लेकिन वास्तव में वे निराकार हैं और इस पूरी सृष्टि के हर जीव, हर कण और हर स्थान पर ('सर्वत्र') मौजूद हैं। वे आदि भी हैं और अंत भी। निष्कर्ष संक्षेप में कहें तो यह कविता दर्शाती है कि शिव आदि-अनांत हैं। वे जितने शक्तिशाली और विराट हैं, दिल से उतने ही सरल और सुलभ हैं। वे ही इस संसार का आधार हैं। हर हर महादेव 🔱🙏

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Comments (2)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jul 7, 2026

🙏🔱 Har Har Mahadev 🔱 Om Namah Shivay 🔱🙏 Suprabhat Ji 🌹🌹

सविता

सविता

Jul 6, 2026

om namah shivay 🙏🌹