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*अमर बलिदानी वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई* भारतीय वसुंधरा को गौरवान्वित करने वाली रानी लक्ष्मीबाई का जन्म ‘मणिकर्णिका’ के रूप में काशी नगरी के अस्सीघाट क्षेत्र में हुआ था। अश्वारोहण एवं शस्त्र–संधान में निपुण महारानी लक्ष्मी ने अंग्रेज ईसाइयों के विरुद्ध स्वाधीनता का आह्वान किया एवं स्वतंत्रता के प्रथम समर का नेतृत्व किया। अंग्रेजी ईसाई सेना रानी लक्ष्मीबाई के युद्धकौशल एवं किलेबंदी की रणनीति देखकर आश्चर्यचकित हो उठे। स्वतंत्रता संग्राम के समय युद्धभूमि पर साक्षात रणचंडी का रूप धारण कर लक्ष्मीबाई ने अंतिम श्वांस तक संघर्ष किया। अंततः 18 जून 1858 को बाबा गंगादास की कुटीया में इनका प्राणन्त हुआ। *स्वाधीनता के प्रथम समर की बलिदानी वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर शत शत नमन!* *मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🇮🇳* *

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