
Haresh Chanchlani Chanchlani
266 days ago
🪷 जय श्री राधे राधे 🪷 तस्वीर में ऐसा प्रतीत होता है मानो स्वयं वृषभानु नंदिनी श्री राधा रानी धरती पर अवतरित हो गई हों। उनका मुखमंडल उगते सूरज-सा देदीप्यमान है, माथे की आभा चंद्रमा से भी शीतल और उज्ज्वल है, और उनकी मधुर मुस्कान में सम्पूर्ण ब्रह्मांड समाया हुआ लगता है। उनकी दृष्टि में करुणा का सागर है, हर नयन में वात्सल्य, प्रेम और अनंत शांति झलकती है। जैसे वृंदावन की हर कली उनकी सुंदरता से धन्य हो उठी हो, और यमुना की लहरें भी उनका गुणगान कर रही हों। हे श्री राधा रानी!

Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!
