
Srikumar महाराज🇮🇳☸️
65 days ago
*अमृत कथा* *🛑 मीरा चरित भाग 3️⃣5️⃣ 🛑* 💐🌺 *माँ मीराबाईसा की श्रीकृष्ण प्रेम कथा* 🌺💐 *सायंकाल तक जाकर मीरा की स्थिति कुछ सुधरी तो वह तानपूरा लेकर गिरधर के सामने बैठ गयी। कुछ समय तक उँगलियों के स्पर्श से तार झंकृत होते रहे। फिर हृदय के उद्गार प्रथम बार पद के रूप में प्रसरित होने लगे। *मेहा बरस बो करे रे, आज तो रमैयो म्हारे घरे रे। *नान्हीं नान्हीं बूंद मेघधन बरसे सूखा सरवर भरे रे।। *घणा दिनाँ तूं प्रीतम पायो, बिछुड़न को मोहि डर रे। *मीरा कहे अति नेह जुड़ायो मैं लियो पुरबलो वर रे।। *पद पूरा हुआ तो मीरा का हृदय भी जैसे हलका हो गया। पथ पाकर जैसे जल दौड़ पड़ता है, वैसे ही मीरा की भाव-सरिता भी शब्दों में ढलकर पदों के रूप में उद्दाम होकर बह चली। *मेरे नयना निपट बंक छवि अटके। *देखत रूप मदन मोहन को पियत पीयूख न भटके। *बारिज भवाँ अलक टेढ़ी मनो अति सुगन्ध रस अटके।। *टेढ़ी कटि टेढ़ी कर मुरली टेढ़ी पाग लर लटके। *मीरा प्रभु के रूप लुभानी गिरधर नागर नट के।। *मीरा को प्रसन्न देखकर मिथुला समीप आयी और उसने गलीचे को थोड़ा समेटते हुए सम्मान पूर्वक घुटनों के बल बैठकर धीमे स्वर में कहा– "जीमण पधराऊँ (भोजन लाऊँ)?" 'अहा मिथुला, अभी ठहर जा अभी प्रभु को रिझा लेने दे। कौन जाने ये परम स्वतंत्र कब निकल भागें। आज प्रभु पधारे हैं तो यहीं क्यों न रख लें? किसी प्रकार जाने न दें *ऐसो प्रभु जाण न दीजे हो। *तन मन धन करि बारणे हिरदे धरि लीजे हो।। *आव सखी! मुख देखिये नैणा रस पीजै हो। *जिण जिण बिधि रीझे हरि सोई कीजे हो।। *सुन्दर श्याम सुहावणा मुख देख्याँ जीजे हो। मीरा के प्रभु श्यामजी बड़भागण रीझे हो।। *मीरा जैसे धन्यातिधन्य हो उठी। लीला चिन्तन के द्वार खुल गये और अनुभव की अभिव्यक्ति के भी। दिनानुदिन उसके भजन-पूजन का चाव बढ़ने लगा। वह नाना भाँति से गिरधर का श्रृंगार करती कभी फूलों से, कभी मोतियों से, कभी जरी के जगमगाते वस्त्रों से और कभी पतले हल्के मलमल के सादे वस्त्रों से। भाँति-भाँति की भोजन सामग्री बनवाकर भोग लगाती, आरती करती और गा-नाचकर उन्हें रिझाती। शीतकाल की रात में उठ-उठ करके उन्हें ओढ़ाती और गर्मियों में रात को जागकर पंखा झलती। तीसरे-चौथे दिन कोई-न-कोई उत्सव होता ही रहता..!! ✍️क्रमशः *🌼🌻श्री कृष्णं वन्दे🌻🌼*


Comments (6)

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Jun 27, 2026
धन्यवाद प्रिय देवदूत, राधे राधे श्याम, आप पर ईश्वर की कृपा बनी रहे। 🙏

Riya Riya 💖💖
Jun 27, 2026
बहुत सुंदर पोस्ट भाई जी🌹🌿 🙏राधे जी🌹🌹 सुप्रभात बंदन भैया जी 🙏🌹

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Jun 27, 2026
धन्यवाद प्रिय देवदूत भगवान हमेशा आपका भला करे 🙏

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Jun 27, 2026
धन्यवाद मेरी प्यारी परी, हमेशा खुश रहो। 🙏

सविता
Jun 27, 2026
हर सुबह आपके लिए नई उम्मीदों और संभावनाओं का खजाना लेकर आती है। उठिए और इस खूबसूरत दिन का स्वागत कीजिए। आपका दिन शुभ हो!"

Saumya Sharma
Jun 27, 2026
बहुत सुंदर पोस्ट 👌👌👌 और साथ में ठाकुर जी की अनन्य भक्त मीरा बाई के जीवन से कुछ पल 👌👌👌 धन्यवाद 🙏 शुभ दिन की शुभ कामनाओं के साथ सुप्रभात वंदन भाई जी 🙏🌹☺️
