
Rama Devi Sahu
199 days ago
विजया एकादशी व्रत फाल्गुन कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। पौराणिक शास्त्रों में फाल्गुन कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को समस्त पापों का हरण करने वाली तिथि भी कहते हैं। यह अपने नाम के अनुरूप फल देती है, इस दिन व्रत धारण करने से व्यक्ति को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है व जीवन के हर क्षेत्र में विजय प्राप्त होती है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, जब भगवान राम लंका विजय के लिए समुद्र तट पर पहुंचे थे, तब बगदालभ मुनि ने उन्हें विजया एकादशी का व्रत करने की सलाह दी थी। तब, भगवान राम ने यह व्रत किया, जिसके प्रभाव से उन्हें समुद्र पार करने और रावण पर विजय प्राप्त करने में सफलता मिली। एकादशी तिथि का प्रारंभ 12 फरवरी 2026 को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट पर होगा और इसका समापन 13 फरवरी 2026 को दोपहर 2 बजकर 25 मिनट पर होगा। व्रत का पारण 14 फरवरी 2026 को सुबह 7 बजे से 9 बजे के बीच किया जाएगा।

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