
Rama Devi Sahu
207 days ago
सीता-राम चरित अति पावन, मधुर सरस और अति मन भावन। पुनि पुनि कितने हो सुने सुनाये हिये की प्यास बुझत ना बुझाये।" व्याख्या - भगवान श्री राम और माता सीता का चरित्र इतना पवित्र है कि जिसे सुनने पर मन को असीम प्रेम मिलता है। कितने लोगों को सीता राम जी का चरित्र सुनाया गया, पर एक बार सुनने पर लोगो को और सुनने का मन करता है उनके मन की प्यास भुजती नही है।

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