
Rama Devi Sahu
304 days ago
।। अक्षय नवमी विशेष ।। 🙏 आंवला पूजन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एक महत्वपूर्ण परंपरा है। इस दिन आंवला वृक्ष की पूजा करने से देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु दोनों की कृपा प्राप्त होती है। इसे आंवला नवमी या अक्षया नवमी भी कहा जाता है। पूजन विधि: सुबह स्नान के बाद शुद्ध वस्त्र पहनकर आंवला वृक्ष के नीचे दीपक जलाएं, जल अर्पित करें, रोली, चावल, फूल, मिठाई चढ़ाएं और भगवान विष्णु-लक्ष्मी का पूजन करें। वृक्ष की परिक्रमा करें और कथा सुनें। मुख्य लाभ: 1 धन और समृद्धि की वृद्धि — माता लक्ष्मी की कृपा से घर में धन की वृद्धि होती है। 2 स्वास्थ्य लाभ — आंवला वृक्ष स्वास्थ्य का प्रतीक है, इसकी पूजा से दीर्घायु और निरोगता प्राप्त होती है। 3 पापों का क्षय — कार्तिक मास में आंवला पूजन करने से पूर्व जन्म के पापों का नाश होता है। 4 संतान सुख की प्राप्ति — संतान संबंधी बाधाएं दूर होती हैं और पारिवारिक सुख-शांति बनी रहती है। 5 भक्ति और मोक्ष का मार्ग — यह पूजा भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है, जिससे आत्मिक शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। 📖 शास्त्रों में कहा गया है: “आंवले वृक्षतले दानं स्नानं तत्रैव पूजनम्। अक्षय्यं भवति नित्यं विष्णुलोकं स गच्छति॥” 🙏 इस कार्तिक मास में आंवला पूजन अवश्य करें और जीवन में सुख, स्वास्थ्य, समृद्धि और शांति प्राप्त करें।

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Nov 1, 2025
Jai Shree Krishna 🙏 Radhe Radhe Jii 🙏 Suprabhat Jii 🌹🌹

Rakesh Kumar
Nov 1, 2025
good morning
