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राम।।🍁 *..भजनपर जोर दो, पढ़ाई पर नहीं..*✨ *श्रोता--* एक साधुका प्रश्न है कि मेरा मन स्वाध्याय करनेका रहता है। भगवत्प्राप्तिके लिये मुझे भजनपर जोर देना चाहिये या स्वाध्याय करना चाहिये ? *स्वामीजी--* भगवान् को याद रखो। जैसे भूखा आदमी अन्नका चिन्तन करता नहीं, प्रत्युत उसके द्वारा अन्नका चिन्तन होता है, प्यासा आदमी जलका चिन्तन करता नहीं, प्रत्युत चिन्तन होता है, ठण्ड लगनेपर आदमी गरम कपड़ेका चिन्तन करता नहीं, प्रत्युत चिन्तन होता है, ऐसे ही आपके द्वारा भगवान् का चिन्तन होने लगे, भगवान् की याद आने लगे। साथ ही 'हे नाथ! हे नाथ!' कहते हुए प्रार्थना करो कि 'महाराज, आपका स्वरूप मेरे चित्तसे हटे नहीं। मैं केवल आपमें ही लग जाऊँ।' आप भजनपर जोर दो, पढ़ाईपर नहीं। पढ़ाई हमने भी की है। पढ़ाईसे भगवान् नहीं मिलते। भगवान् प्रेमसे मिलते हैं। प्रेम ऐसा हो कि भगवान् के बिना रहा न जाय । *राम ! राम !! राम !!!* परम् श्रद्धेय स्वामी जी श्रीरामसुखदास जी महाराज, पुस्तक- *ईश्वर अंस जीव अबिनासी* पृष्ठ १४८

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Deepak  karki

Deepak karki

Jun 8, 2025

जय श्री राधे कृष्णा कृष्णा कृष्णा राधे राधे