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Rama Devi Sahu

91 days ago

यह चित्र महाभारत काल के महान योद्धा और भीम के पौत्र बर्बरीक के आत्म-बलिदान की प्रसिद्ध पौराणिक कथा को दर्शाता है।इस चित्र के पीछे की प्रमुख कहानी इस प्रकार है:बर्बरीक का महान बलिदानबर्बरीक की शक्ति: बर्बरीक के पास तीन ऐसे दिव्य बाण थे जिनसे वह अकेले ही महाभारत का पूरा युद्ध समाप्त कर सकता था। उसने अपनी माता को वचन दिया था कि वह हमेशा कमजोर पक्ष की ओर से लड़ेगा।श्रीकृष्ण की परीक्षा: श्रीकृष्ण जानते थे कि यदि बर्बरीक युद्ध में उतरा, तो वह हारने वाली सेना की ओर से लड़कर संतुलन बिगाड़ देगा, जिससे अंततः दोनों ओर की सेनाएं नष्ट हो सकती थीं। इसलिए, ब्राह्मण के वेश में श्रीकृष्ण ने बर्बरीक से दान में उसका शीश (सिर) मांग लिया।स्वेच्छा से शीश दान: बर्बरीक ने बिना किसी हिचकिचाहट के तलवार से अपना मस्तक काटकर भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में अर्पित कर दिया।बलिदान के बाद की घटनायुद्ध देखने की इच्छा: बर्बरीक ने श्रीकृष्ण से महाभारत युद्ध देखने की अंतिम इच्छा व्यक्त की थी।पहाड़ी पर मस्तक: श्रीकृष्ण ने उनके शीश को संजीवनी शक्ति देकर एक ऊंची पहाड़ी पर रख दिया, जहाँ से उन्होंने पूरे कुरुक्षेत्र युद्ध का अवलोकन किया।कलियुग का वरदान: बर्बरीक के इस निस्वार्थ बलिदान से प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि कलियुग में उनकी पूजा श्रीकृष्ण के ही नाम 'श्याम' (खाटू श्याम जी) के रूप में होगी।

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Comments (4)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jul 11, 2026

🌹🌹 Radhey Radhey ❤️ Jai Shree Krishna 🌹 Shubha Dopahar Ji 🌹🌹

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jul 11, 2026

🙏‼️ Jai Shree Shyam ‼️🙏

Rakesh Kumar

Rakesh Kumar

Jul 11, 2026

jai shree shyam 🙏