
Rama Devi Sahu
358 days ago
नवरात्रि का छठा दिवस – माँ कात्यायनी की कृपा से भीतर के भय को त्यागें और आत्मबल को जागृत करें। गुरुदेव कहते हैं – “जो भीतर से निर्भय है, वही युग निर्माण का वाहक बनता है।” आज गायत्री मंत्र के जप से साहस और सेवा का संकल्प लें। आध्यात्मिक महत्व – आत्मबल और विजय का संकल्प 📜 मुख्य संदेश: माँ कात्यायनी वह शक्ति हैं जो राक्षसों का संहार करती हैं और साधक को भीतर से निर्भय बनाती हैं। गुरुदेव कहते हैं — "साहस और आत्मबल ही साधना के दो पंख हैं। जो भीतर से निर्भय है, वही युग निर्माण का वाहक बनता है।" आज का दिन है — 👉 भीतर के भय को त्यागने का 👉 साहस और तप से आत्मबल को जागृत करने का 👉 साधना को युग निर्माण से जोड़ने का 🌺 आज का चिंतन: "मैं माँ कात्यायनी की कृपा से निर्भय बनूँ, और आत्मबल से सेवा का मार्ग अपनाऊँ।" 🕯️ आज का अनुष्ठान: दीप प्रज्वलन – साहस का प्रतीक मौन ध्यान – 11 मिनट पुष्प अर्पण – तप और विजय के भाव से

Comments (3)

Radhe Radhe
Sep 27, 2025
🙏🌷 शुभ संध्या//.... जी बहन जी//.... जय माता दी, हैप्पी नवरात्रि जय श्री कात्यानी देवी। शुभ संध्या,___शुभ शनिवार! शारदीय नवरात्रि के छठवें दिन की हार्दिकशुभकामनाएं।। मां दुर्गा माता का छठा ,स्वरूप जय मां कात्यायनी माता की कृपादृष्टि सदैव आप और आपके पूरे परिवार पर बनी रहे।। जय माता दी।।🌷🙏

Radhe Radhe
Sep 27, 2025
💅👌🔹अति सुंदर वेरी वेरी नाइस पोस्ट _"_जी बहन जी_"_आपका हर एक पल शुभ मंगलमय हो//.🔹👌💅
