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Rama Devi Sahu

61 days ago

🌺श्री हेरंब गणपति – करुणा, संरक्षण और अद्भुत शक्ति का दिव्य स्वरूप🌺 'हेरंब' नाम का अर्थ क्या है? 'हेरंब' (हेरम्ब) शब्द संस्कृत का है। इसके अनेक गूढ़ अर्थ बताए गए हैं। - 'हे' का अर्थ है दीन, निर्बल, भयभीत या शरणागत। - 'रम्ब' (रंभ/रम्भ) का अर्थ है रक्षक, पालक या सहारा देने वाला। इस प्रकार हेरंब गणपति का अर्थ हुआ – "दीन-दुखियों, भयभीत और शरणागत भक्तों की रक्षा करने वाले गणपति।" यही कारण है कि यह स्वरूप विशेष रूप से संकटों से रक्षा करने वाला माना जाता है। हेरंब गणपति का स्वरूप हेरंब गणपति का स्वरूप अत्यंत विलक्षण है। - पाँच गजमुख (पंचमुखी) - सामान्यतः दस भुजाएँ - सिंह वाहन - एक हाथ अभय मुद्रा में - अन्य हाथों में पाश, अंकुश, परशु, माला, मोदक, फल तथा अन्य दिव्य आयुध - स्वर्णमय या गौर वर्ण, कभी-कभी रक्ताभ तेज से युक्त सिंह वाहन क्यों? अधिकांश गणपति का वाहन मूषक होता है, परंतु हेरंब गणपति का वाहन सिंह है। सिंह प्रतीक है— - निर्भीकता - राजसत्ता - अदम्य साहस - धर्म की रक्षा - दैवी शक्ति यह दर्शाता है कि हेरंब गणपति केवल विघ्नहर्ता ही नहीं, बल्कि धर्म और भक्तों के रक्षक भी हैं। पाँच मुखों का रहस्य हेरंब गणपति के पाँच मुख पंचतत्त्व और पाँच दिशाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। - पृथ्वी - जल - अग्नि - वायु - आकाश तांत्रिक दृष्टि से ये पाँच कोश, पाँच प्राण, पाँच ज्ञानेन्द्रियाँ तथा शिव के पंचब्रह्म स्वरूपों का भी संकेत माने जाते हैं। तांत्रिक परंपरा में महत्व हेरंब गणपति का अत्यंत उच्च स्थान है। - तांत्रिक साधनाओं के आरंभ में इनकी उपासना की जाती है। - माना जाता है कि ये साधक को अदृश्य बाधाओं से सुरक्षित रखते हैं। - नकारात्मक शक्तियों, भय और मानसिक अवरोधों को दूर करने वाले गणपति माने जाते हैं। - अनेक शक्तिपीठों और गणपति तंत्रों में इनका विशेष उल्लेख मिलता है। साधना से प्राप्त होने वाले लाभ - भय का नाश - शत्रु एवं विघ्नों से रक्षा - आत्मविश्वास में वृद्धि - आध्यात्मिक उन्नति - तांत्रिक साधना में सफलता - परिवार की सुरक्षा और मंगल - साहस तथा नेतृत्व क्षमता की वृद्धि हेरंब गणपति की प्रिय उपासना - दूर्वा अर्पित करें। - लाल अथवा पीले पुष्प चढ़ाएँ। - मोदक और गुड़ का नैवेद्य अर्पित करें। - श्रद्धा से "ॐ गं हेरम्बाय नमः" मंत्र का जप करें। एक गूढ़ तथ्य तांत्रिक मत के अनुसार हेरंब गणपति, भगवान शिव की रक्षक शक्ति और माता पार्वती की करुणा का संयुक्त दिव्य स्वरूप माने जाते हैं। जहाँ सामान्य गणपति विघ्नों को दूर करते हैं, वहीं हेरंब गणपति साधक के चारों ओर अदृश्य दैवी सुरक्षा कवच का निर्माण करने वाले माने जाते हैं। इसलिए इन्हें भय, संकट और गूढ़ साधनाओं के विशेष अधिष्ठाता गणपति भी कहा जाता है। 🙏

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Comments (18)

Rohit  Patel

Rohit Patel

Jul 3, 2026

जी... धन्यवाद जी 💐🤝🤗💞💕💞

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jul 3, 2026

Good ☕ Evening Ji 🙏

Rohit  Patel

Rohit Patel

Jul 3, 2026

जी रमा जी... हरि ॐ तत् सत् 🌸📿🙏💞💕💞

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jul 2, 2026

Ji Namaste 🙏 Hari Om Tat Sat 🙏🌹🌹

Rohit  Patel

Rohit Patel

Jul 2, 2026

जी 💕💞💕💞

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jul 1, 2026

ॐ गं गणपतये नमो नमः, श्री सिद्धिविनायक नमो नमः। 🔱🙏 आप को शुभ रात्रि वंदन 🌹🌹

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jul 1, 2026

ॐ गं गणपतये नमो नमः, श्री सिद्धिविनायक नमो नमः। 🔱🙏 आप को शुभ रात्रि वंदन 🌹🌹

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jul 1, 2026

ॐ गं गणपतये नमो नमः, श्री सिद्धिविनायक नमो नमः। 🔱🙏 आप को शुभ रात्रि वंदन 🙏🌹

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jul 1, 2026

ॐ गं गणपतये नमो नमः, श्री सिद्धिविनायक नमो नमः। 🔱🙏 आप को शुभ रात्रि वंदन 🙏🌹

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jul 1, 2026

ॐ गं गणपतये नमो नमः, श्री सिद्धिविनायक नमो नमः। 🔱🙏 आप को शुभ रात्रि वंदन 🌹🌹