
Srikumar महाराज🇮🇳☸️
58 days ago
निंदक नियरे राखिये, आँगन कुटी छवाय।बिन पानी साबुन बिना, निरमल करे सुहाए॥ अर्थ: आपकी बुराई करने वालों (निंदक) को हमेशा अपने पास रखना चाहिए। वे बिना पानी और साबुन के हमारी कमियों को उजागर करके हमारे स्वभाव को निर्मल और स्वच्छ बना देते
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