
प्रभा त्रिपाठी
417 days ago
|| श्रीहरि: || परम श्रद्धेय सेठजी श्रीजयदयालजी गोयन्दका ---------------------------------------- *महात्मा बनें* *संसार के कल्याण के लिये जो अपने आप की बलि चढाने को तैयार हैं ,वे ही धन्य हैं*| *ऐसे ही महापुरुषों को भगवान् कारक पुरुष बनाते हैं | वे कारक पुरुष जन्म से ही मुक्त होते हैं | संसार के कल्याण के लिये ही आते हैं* | उस कोटि का जो बनता है उसकी बात ही क्या है | यदि कहो ऐसा अधिकार भगवान् के परम धाम में जाने पर ही मिलता है या इसी जन्म में भी यह पदवी मिल सकती है ? परम धाम में तो मिलता ही है, यहाँ पर भी मिल जाता है | *जिसका यह ध्येय होता है कि सबका कल्याण हो जाय | ऐसे पुरुषों को भगवान् यहाँ भी अधिकार दे देते हैं*| *उच्चकोटि की बात तो है सबको भोजन कराकर भोजन करना* | तीन प्रकार से क्षुधा की निवृति होती है – १. साधु, ब्राह्मण क्षेत्र आदि में भोजन लेकर कर लेते हैं | २. न्याय से पैसा उपार्जन कर भोजन करते हैं | ३. हजारों आदमियों को भोजन कराकर भोजन करते हैं | क्षुधा की निवृत्ति तीनों की ही होती है, किन्तु *सबसे श्रेष्ठ पुरुष वह है जो सबको भोजन कराकर भोजन करता है*| इसी प्रकार मुक्ति भी तीन तरह से होती है – १. जिस जगह हम बैठे हैं यह मायापुरी है | काशी आदि सप्त पुरियों में जो मरता है वह मुक्त हो जाता है | यह सदावर्त की तरह होने वाली मुक्ति है, मुक्ति में कोई अन्तर नहीं है | २. जो एकान्त में रहकर भजन भजन-साधन करते हैं, वे मुक्त हो जाते हैं | वे न्याय से पैसा कमाकर भोजन करने वाले के समान हैं | ३, जो संसार के कल्याण के लिये अपना सर्वस्व अर्पण कर चुके हैं, जिस-किस प्रकार से संसार का कल्याण हो इसी के लिये जिनका प्रयत्न है, वह सदावर्त बाँटकर भोजन करने वाला है | *चेष्टा तो यही करनी चाहिये कि जब तक सारे संसार का कल्याण न हो जाय, बार-बार संसार में जन्म लेते रहें*| यह काम भगवान् ने ले रखा है | जो मनुष्य रात-दिन संसार के कल्याण में तुले हुए हैं, वे भी भगवान् के समान ही हैं | *हमें यह लक्ष्य रखना चाहिये कि चाहे अपना कल्याण न हो, संसार का कल्याण होना चाहिये* | नारायण ! नारायण !! नारायण !!! गीताप्रेस,- गोरखपुर द्वारा प्रकाशित श्रद्धेय श्रीजयदयालजी गोयन्दका की पुस्तक *प्रतिकूलता में प्रसन्नता* पुस्तक कोड १९०८ से |
Comments (4)

RAKESH SHARMA OM NAMH SHIVAY 🥀🚩
Jul 11, 2025
JAI SHIV SHAMBHU BABA BHOLE NATH MAA PARVATI MAIYA AASHIRWAD KRP SE SAPARIWAR KO DIRGHAYU YASH VAIBHAV SUKH SHANTI SMIRIDDHI PRADAN HO OM NAMH SHIVAY 🚩🙏

RAKESH SHARMA OM NAMH SHIVAY 🥀🚩
Jul 11, 2025
OM NAMH SHIVAY NAMOSTUTE NAMO NAMH 🙏🚩

Deepak karki
Jul 9, 2025
🌹🙏जय श्री राधे कृष्णा राधे राधे शुभ रात्री जी🌹🙏

ranjit chavda
Jul 9, 2025
🔔🔔🔔 जय गणेशाय नमः 🔔🔔🔔
