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Rama Devi Sahu

34 days ago

जो शिवलिंग को केवल जल अर्पित करता है, उसे क्या फल मिलता है? 🔱 भगवान शिव से जानिए शिवलिंग पूजा का महत्व 🔱 (शास्त्र सम्मत दिव्य प्रसंग) 🙏 माता उमा का महादेव से प्रश्न: माता देवी उमा ने भगवान शंकर की स्तुति करते हुए कहा— "हे तीन नेत्रधारी! देवेश्वर! दक्षयज्ञ का नाश करने वाले त्रिशूलधारी! आपको नमस्कार है। प्रभो! आपने मुझे उत्तम अध्यात्म ज्ञान दिया है, लेकिन इस समय मैं आपके सायुज्य (परम मिलन) के विषय में सुनना चाहती हूँ। आपके भक्त आपकी पूजा कैसे करते हैं? आप किस साधन से संतुष्ट होते हैं? कृपया यह मुझे बताएं।" ✨ भगवान शिव का दिव्य उत्तर और पाशुपत योग: महादेवी के इस प्रश्न पर भगवान श्रीमहेश्वर ने प्रसन्न होकर कहा— "देवि! मैं प्रसन्नतापूर्वक तुम्हें अपने अद्भुत सायुज्य का वर्णन करता हूँ। मैं ही अविनाशी सनातन पुरुष हूँ। मैंने ही चराचर जगत को उत्पन्न किया है। जो भक्त अपने रोम-रोम में भस्म रमाए रखते हैं और निष्काम भाव से मुझमें मन लगाते हैं, उन्हें पाशुपत जानना चाहिए। भस्म मैंने रक्षा, मंगल और पवित्रता के लिए प्रदान किया था। मेरे ऐसे भक्त, जो निस्पृह होकर मेरा चिंतन करते हैं, वे मेरे हर्ष को बढ़ाते हैं। ऐसे तपस्वी भक्तों के लिए मैं हमेशा ऐसा उपाय सोचता हूँ जिससे वे शीघ्र मुझे प्राप्त कर लें।" 🌸 शिवलिंग पूजा और विभिन्न द्रव्यों का महाफल: भगवान शिव ने आगे कहा— "देवि! तीनों लोकों में मैंने अपने स्वरूपभूत 'शिवलिंगों' की स्थापना की है। इन्हें केवल नमस्कार करने मात्र से मनुष्य पापों से मुक्त हो जाते हैं। बड़े-बड़े यज्ञ भी शिवलिंग प्रणाम के पुण्य की सोलहवीं कला के बराबर भी नहीं हैं। शिवलिंग की पूजा से मैं अत्यंत संतुष्ट होता हूँ। इसका विधान सुनो: 🥛 गोदुग्ध (गाय का दूध) और माखन: जो इससे शिवलिंग की पूजा करता है, उसे अश्वमेध यज्ञ के समान फल मिलता है। 🥣 घृतमण्ड (घी): प्रतिदिन घी से पूजन करने वाला मनुष्य अग्निहोत्र करने वाले ब्राह्मण के समान पुण्य का भागी होता है। 💧 जल: जो केवल जल से भी मेरे शिवलिंग को नहलाता है, वह भी पुण्य का भागी होता है और अभीष्ट फल पा लेता है। 🌿 घृतमिश्रित गुग्गुल का धूप: शिवलिंग के निकट यह धूप देने से 'गोसव यज्ञ' का फल प्राप्त होता है। 🪔 केवल गुग्गुल का धूप: इससे सुवर्ण (सोने) के दान का फल मिलता है। 🌺 नाना प्रकार के फूल: फूलों से पूजा करने वाले को सहस्र (हज़ार) गौदान का फल प्राप्त होता है। 🚶‍♂️ तीर्थ/परदेश में पूजन: जो देशान्तर में जाकर शिवलिंग की पूजा करता है, उससे बढ़कर मुझे प्रिय कोई नहीं है। 🍃 भगवान शिव की प्रिय वस्तुएं: "पलाश और बेल के पत्ते (बेलपत्र), राजवृक्ष के फूलों की मालाएँ और आक के पवित्र फूल मुझे विशेष प्रिय हैं। मुझमें मन लगाए रखने वाले भक्तों का दिया हुआ फल, फूल, साग अथवा जल भी मुझे बहुत प्रिय लगता है।" 🌟 शिवभक्तों की महिमा: "मेरे संतुष्ट हो जाने पर संसार में कुछ भी दुर्लभ नहीं है। मेरे भक्त कभी नष्ट नहीं होते, उनके सारे पाप दूर हो जाते हैं और वे तीनों लोकों में पूजनीय हैं। जो मनुष्य मुझसे या मेरे भक्तों से द्वेष करते हैं, वे सौ यज्ञ करने पर भी घोर नरक में पड़ते हैं।" 📜 श्रवण का फल: जो श्रेष्ठ मानव मेरे इस धर्मनिश्चय का श्रवण अथवा पाठ करता है, वह इस लोक में धन-धान्य और कीर्ति तथा परलोक में स्वर्ग पाता है। ।। हर हर महादेव ।। ।। ॐ नमः शिवाय ।। 🔱🔱🔱🔱🔱

Comments (2)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jul 27, 2026

🙏🔱 Har Har Mahadev 🔱 Om Namah Shivay 🔱🙏 Shubha Sakal ka Subha Kamanayen ❤️

Shah  🩷

Shah 🩷

Jul 27, 2026

सुप्रभात 🙏हर हर महादेव☘️🩷