
Rama Devi Sahu
165 days ago
🔱 शक्ति ही सत्य है 🔱 जब काल का तिमिर सम्पूर्ण सृष्टि को निगलने लगता है, जब अधर्म के भार से वसुंधरा कराहने लगती है, तब पालनहार श्री हरि विष्णु अवतार धारण करते हैं। परंतु, इस दृश्य के पीछे एक शाश्वत सत्य है— स्वयं अवतार भी 'शक्ति' के बिना साकार नहीं होते। इस दिव्य चित्र का अवलोकन करें: आदिशक्ति जगदम्बा के कोमल करकमलों में विष्णु के नौ अवतार खेल रहे हैं। चाहे जलचर मत्स्य हों या धीर कूर्म, महाबली वराह हों या अट्टहास करते उग्र नरसिंह, मर्यादा पुरुषोत्तम राम हों या पूर्ण पुरुष कृष्ण... सब उस आदि-पराशक्ति की मुट्ठी में हैं। यही तंत्र का परम रहस्य है, यही वेदों का सार है— देवता भी उसी ऊर्जा से प्रकट होते हैं, जिसे यह चराचर जगत 'माँ' कहकर पुकारता है। युग बदलते हैं, अवतार बदलते हैं, लीलाएँ बदलती हैं... परंतु जो निर्गुण भी है और सगुण भी, वह शक्ति एक ही है। आदिशक्ति माँ। 🚩 जय माँ जगदम्बा 🚩

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