
Rohit Patel
344 days ago
🌻भगवती अन्नपूर्णा स्तोत्र :🌻 ध्यानम् - सिन्दूरा-ऽरुण-विग्रहां त्रिनयनां माणिक्य-मौलिस्फुरत् तारानायक-शेखरां स्मितमुखीमापीन-वक्षोरुहाम्। पाणिभ्यामलिपूर्ण-रत्नचषकं रक्तोत्पलं बिभ्रतीं सौम्यां रत्नघटस्थ-रक्तचरणां ध्यायेत् परामम्बिकाम्॥ नित्यानन्दकरी वराभयकरी सौंदर्यरत्नाकरी निर्धूताखिल-घोरपावनकरी प्रत्यक्षमाहेश्वरी। प्रालेयाचल-वंशपावनकरी काशीपुराधीश्वरी भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी माताऽन्नपुर्णेश्वरी॥ नानारत्न-विचित्र-भूषणकरी हेमाम्बराडम्बरी मुक्ताहार-विलम्बमान विलसद्वक्षोज-कुम्भान्तरी। काश्मीरा-ऽगुरुवासिता रुचिकरी काशीपुराधीश्वरी। भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी माताऽन्नपूर्णेश्वरी॥ योगानन्दकरी रिपुक्षयकरी धर्माऽर्थनिष्ठाकरी चन्द्रार्कानल-भासमानलहरी त्रैलोक्यरक्षाकरी। सर्वैश्वर्य-समस्त वांछितकरी काशीपुराधीश्वरी भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी माताऽन्नपूर्णेश्वरी॥ कैलासाचल-कन्दरालयकरी गौरी उमा शंकरी कौमारी निगमार्थगोचरकरी ओंकारबीजाक्षरी। मोक्षद्वार-कपाट-पाटनकरी काशीपुराधीश्वरी भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी माताऽन्नपूर्णेश्वरी॥ दृश्याऽदृश्य-प्रभूतवाहनकरी ब्रह्माण्डभाण्डोदरी लीलानाटकसूत्रभेदनकरी विज्ञानदीपांकुरी। श्री विश्वेशमन प्रसादनकरी काशीपुराधीश्वरी भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी माताऽन्नपूर्णेश्वरी॥ उर्वी सर्वजनेश्वरी भगवती माताऽन्नपूर्णेश्वरी वेणीनील-समान-कुन्तलहरी नित्यान्नदानेश्वरी। सर्वानन्दकरी दृशां शुभकरी काशीपुराधीश्वरी भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी माताऽन्नपूर्णेश्वरी॥ आदिक्षान्त-समस्तवर्णनकरी शम्भोस्त्रिभावाकरी। काश्मीरा त्रिजलेश्वरी त्रिलहरी नित्यांकुरा शर्वरी। कामाकांक्षकरी जनोदयकरी काशीपुराधीश्वरी। भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी माताऽन्नपूर्णेश्वरी।। देवी सर्वविचित्ररत्नरचिता दाक्षायणी सुंदरी। वामस्वादु पयोधर-प्रियकरी सौभाग्यमाहेश्वरी। भक्ताऽभीष्टकरी दशाशुभकरी काशीपुराधीश्वरी। भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी माताऽन्नपूर्णेश्वरी।। चर्न्द्रार्कानल कोटिकोटिसदृशा चन्द्रांशुबिम्बाधरी। चन्द्रार्काग्नि समान-कुन्तलहरी चन्द्रार्कवर्णेश्वरी। माला पुस्तक-पाश-सांगकुशधरी काशीपुराधीश्वरी। शिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी माताऽन्नपूर्णेश्वरी।। क्षत्रत्राणकरी महाऽभयकरी माता कृपासागरी। साक्षान्मोक्षरी सदा शिवंकरी विश्वेश्वरी श्रीधरी। दक्षाक्रन्दकरी निरामयकरी काशीपुराधीश्वरी। भिक्षां देहि कृपावलंबनकरी माताऽन्नपूर्णेश्वरी।। अन्नपूर्णे सदा पूर्णे शंकरप्राणवल्लभे ! ज्ञान वैराग्य-सिद्ध्यर्थं भिक्षां देहिं च पार्वति।। माता च पार्वती देवी पिता देवो महेश्वरः। बान्धवाः शिवभक्ताश्च स्वदेशो भुवनत्रयम्।। श्रीपरमहंसपरिव्राजकाचार्यस्य श्रीगोविन्दभगवत्पूज्य पादशिष्यस्य श्री मच्छङ्करभगगवतःकृतौ अन्नपूर्णास्तोत्रं सम्पूर्णम् ।। 🌺

Comments (5)

Rohit Patel
Sep 19, 2025
जी.. जी बिलकुल आपका धन्यवाद करते है जी 🌹 मै खुश हूं जी 🤝😘...🤗

Radhe Radhe
Sep 19, 2025
🕉️▪️ देवों के देव महादेव _भोलेनाथ और माता पार्वती जी "की" कृपा दृष्टि सदैव आप और आपके परिवार पर बनी रहे जी।। वेरी नाइस पोस्ट *_*जी भाई जी*_*।। ््््््ॐ ▪️🕉️

Rohit Patel
Sep 19, 2025
जी हां ❤️ धन्यवाद जी आप का 🌹🙏 महादेव हर 🔱🪷🌿📿🙏

Radhe Radhe
Sep 19, 2025
🕉️🕉️ जय भोलेनाथ ॐ नमःशिवाय 🌿 हर हर महादेव ््््््ॐ 🕉️🕉️
