
Srikumar महाराज🇮🇳☸️
17 days ago
*श्रावण मास में कांवड़ यात्रा* प्रत्येक वर्ष श्रावण मास में लाखों शिवभक्त गंगा जल लेकर पवित्र तीर्थों से पैदल चलकर शिवलिंग पर जल अर्पण करते हैं, यही है कांवड़ यात्रा. इस यात्रा में भक्तगण कंधे पर कांवड़ उठाकर, नंगे पाँव चलते हैं और “बोल बम!” के जयघोष से वातावरण को गुंजायमान कर देते हैं. पौराणिक आख्यानों के अनुसार भगवान श्रीराम एवं लक्ष्मण जी ने भी कांवड़ में गंगाजल चढ़ाकर भगवान शिव की आराधना की थी. कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, यह भारतीय जनमानस में महादेव से जुड़ने की जीवंत परंपरा है, जहाँ भक्ति और कठोर तप एक साथ चलते हैं. *मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩*
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