
Rama Devi Sahu
150 days ago
ॐ हं हनुमते नम: 🙏 शास्त्रों के अनुसार त्रेता युग में चैत्र मास में शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा पर श्रीराम जी के परम भक्त हनुमानजी का जन्म हुआ है। हनुमान जी को बजरंग बली के अलावा पवनसुत, पवनकुमार, महावीर, बालीबिमा, मरुत्सुता, अंजनीसुत, संकट मोचन, आंजनेय, और मारुति नाम से भी जाना जाता है। चैत्र पूर्णिमा 1 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 6 मिनट से आरंभ हो रही है, जो 2 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 41 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार श्री हनुमान जी का प्राकट्योत्सव 2 अप्रैल, गुरुवार को मनाया जायेगा। आइए जानें कैसे करें विधिवत पूजन: - पूजन सामग्री: लाल फूल, चंदन, सिंदूर, गुड़, चना, तुलसी पत्र। - पूजन स्थल की तैयारी: पूजा स्थल को स्वच्छ करें और लाल कपड़ा बिछाएं। - पूजन विधि: सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें, फिर हनुमान जी के समक्ष दीप प्रज्वलित करें, सिंदूर का तिलक लगाएं और पुष्प अर्पित करें। - मंत्र जाप: "ॐ हं हनुमते नम:" मंत्र का 108 बार जाप करें। - प्रसाद वितरण: पूजा के बाद प्रसाद का वितरण करें और सबके साथ साझा करें। श्री हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर, बजरंगबली से सभी के सुख, समृद्धि और शक्ति की कामना के साथ हार्दिक शुभकामनाएं। हनुमान जी के आशीर्वाद से आपके जीवन के सभी कष्ट और भय दूर हों, बजरंगबली की कृपा सदा बनी रहे। जय जय श्री राम, जय बजरंगबली 🙏

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