
Rama Devi Sahu
299 days ago
**🌸 बैकुंठ चतुर्दशी की कथा बैकुंठ चतुर्दशी कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। यह तिथि भगवान **शिव** और **विष्णु** दोनों की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र मानी जाती है। इस दिन व्रत और रात्रि जागरण का विशेष महत्व होता है। ### 🌺 पौराणिक कथा : एक बार भगवान **विष्णु** ने बैकुंठ धाम से निकलकर वाराणसी (काशी) में भगवान **शिव** की आराधना की। उन्होंने भगवान शिव को एक हजार कमल अर्पित करने का संकल्प लिया। पूजा के दौरान जब भगवान विष्णु ने गिनती की, तो उन्हें पता चला कि एक कमल कम है। भगवान विष्णु को “कमलनयन” कहा जाता है, इसलिए उन्होंने अपनी एक **आंख (कमल समान)** भगवान शिव को अर्पित करने का निश्चय किया। जैसे ही वे अपनी आंख निकालने लगे, भगवान शिव प्रकट हुए और बोले— > “हे विष्णु! तुम्हारी भक्ति से मैं प्रसन्न हूँ। तुम्हें बैकुंठ धाम में सर्वोच्च स्थान प्राप्त होगा। जो भी इस तिथि को मेरी और तुम्हारी संयुक्त पूजा करेगा, वह भी मोक्ष का अधिकारी होगा।” तभी से इस दिन को **बैकुंठ चतुर्दशी** कहा जाने लगा। --- ### 🌼 व्रत व पूजा विधि : 1. प्रातः स्नान कर भगवान शिव और विष्णु की पूजा करें। 2. शंख, चक्र, गदा, पद्म से सुसज्जित विष्णुजी और शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, बेलपत्र, कमल पुष्प चढ़ाएं। 3. भगवान शिव को कमल अर्पित करें और विष्णु मंत्रों का जाप करें। 4. रात्रि में जागरण करें और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। 5. अगले दिन ब्राह्मण या जरूरतमंद को दान करें। --- ### 🌻 बैकुंठ चतुर्दशी का महत्व : * यह दिन **मोक्ष प्राप्ति** का प्रतीक है। * भगवान शिव और विष्णु दोनों की **संयुक्त आराधना** का दिन है। * जो भक्त इस दिन व्रत करते हैं, उन्हें **पापों से मुक्ति** और **बैकुंठ धाम** की प्राप्ति होती है। * वाराणसी (काशी) में इस दिन विशेष रूप से गंगा स्नान और दीपदान का आयोजन किया जाता है।

Comments (5)

Rama Devi Sahu
Nov 8, 2025
Jai Shree Shyam 🙏🌹🌹

Rakesh Kumar
Nov 8, 2025
jai shree shyam 🙏

Rakesh Kumar
Nov 8, 2025
good morning ji 🙏

Rama Devi Sahu
Nov 3, 2025
🙏‼️ Hari Om Namah Shivay ‼️🙏 Aap or Aap ke Pure Parivar ko Baikunth Chaturdashi ki Hardik Shubhkamnaye 🙏 Radhey Radhey ❤️ Jai Shree Krishna 🙏🌹🌹

Balraj Sethi Balraj Sethi
Nov 3, 2025
Om Shree Narayan Bhagwan Shiv Shanker Bhole Nath Ji Ko Koti Koti Bar Parnam Ji. 🙏🏼🌺
