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क्या सच में ब्रह्मांड 13.8 अरब वर्ष पुराना है, फिर भी हम 93 अरब प्रकाश-वर्ष तक कैसे देख सकते हैं? पहली नज़र में यह बात बिल्कुल असंभव लगती है। यदि ब्रह्मांड की आयु 13.8 अरब वर्ष है, तो प्रकाश भी अधिकतम 13.8 अरब प्रकाश-वर्ष ही यात्रा कर पाया होगा। फिर वैज्ञानिक 93 अरब प्रकाश-वर्ष चौड़े दृश्यमान ब्रह्मांड (Observable Universe) की बात क्यों करते हैं? इसका उत्तर ब्रह्मांड के लगातार फैलने (Expansion of the Universe) में छिपा है। लगभग 13.8 अरब वर्ष पहले बिग बैंग के बाद अंतरिक्ष स्वयं फैलना शुरू हुआ और आज भी फैल रहा है। जब किसी दूरस्थ आकाशगंगा से प्रकाश हमारी ओर चलना शुरू हुआ, तब वह आकाशगंगा हमसे कहीं अधिक पास थी। लेकिन अरबों वर्षों तक प्रकाश के सफर के दौरान स्वयं अंतरिक्ष फैलता रहा, जिससे उस आकाशगंगा और हमारे बीच की दूरी लगातार बढ़ती गई। यही कारण है कि जिस प्रकाश को हम आज देख रहे हैं, उसने भले ही लगभग 13.8 अरब वर्षों की यात्रा की हो, लेकिन उसका स्रोत आज हमसे लगभग 46.5 अरब प्रकाश-वर्ष दूर पहुँच चुका है। चूँकि यह दूरी हर दिशा में मापी जाती है, इसलिए पूरे दृश्यमान ब्रह्मांड का व्यास लगभग 93 अरब प्रकाश-वर्ष माना जाता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि 93 अरब प्रकाश-वर्ष पूरे ब्रह्मांड का आकार नहीं है, बल्कि केवल उस हिस्से का है जिसका प्रकाश अब तक पृथ्वी तक पहुँच पाया है। वास्तविक ब्रह्मांड इससे कहीं अधिक विशाल हो सकता है—संभव है कि वह अनंत हो, लेकिन वर्तमान विज्ञान के पास इसका निश्चित उत्तर नहीं है। यानी जब भी आप रात के आकाश की ओर देखते हैं, तो आप केवल दूर नहीं देख रहे होते, बल्कि समय में पीछे भी झाँक रहे होते हैं। कुछ आकाशगंगाओं का प्रकाश हम तक पहुँचने में अरबों वर्ष लगा है, इसलिए हम उन्हें वैसा देख रहे हैं जैसी वे अरबों वर्ष पहले थीं, न कि जैसी वे आज हैं। यही ब्रह्मांड का सबसे अद्भुत रहस्य है—हमारी आँखें केवल अंतरिक्ष नहीं, बल्कि समय का इतिहास भी देखती हैं। #Universe #Astronomy #Space #Cosmos #LearnedLens

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